Edited By Punjab Kesari,Updated: 06 Jun, 2017 11:13 AM

जिलें में दूध बिक्री व उत्पादन में जमकर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं । गाय, भैंस का दूध बढ़ाने के लिए इस में पानी मिलाया जा रहा है। पशुपालक दूध में पानी तो मिला ही रहे साथ ही अधिक दूध के लिए पशुओं के साथ क्रूरता भी की जा रही है ।
मोहाली, (नियामियां): जिलें में दूध बिक्री व उत्पादन में जमकर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं । गाय, भैंस का दूध बढ़ाने के लिए इस में पानी मिलाया जा रहा है। पशुपालक दूध में पानी तो मिला ही रहे साथ ही अधिक दूध के लिए पशुओं के साथ क्रूरता भी की जा रही है । दूध को गाढ़ा करने के लिए अरारोट सहित अन्य कई केमिकल मिलाए जा रहे हैं । स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी से लोगों को दूध के नाम पर पानी या जहर पीना पड़ रहा ।
पंजाब डेयरी विकास बोर्ड द्वारा चलाई जा रही दूध खपतकार जागरूकता मुहिम के तहत वार्ड नं-4, फेज-1 में दूध खपतकार जागरूकता कैंप का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन कंज्यूमर प्रोटैक्शन फैडरेशन के प्रधान इंजी. पी. एस विरदी ने किया। दर्शन सिंह डेयरी टैक्नोलॉजिस्ट की निगरानी में लगाए गए दूध खपतकार जागरूकता कैंप मौके मोबाइल लैबोरेटरी द्वारा दूध के सैपलों की जांच मुफ्त की गई और दूध के 46 सैपलों की जांच में 34 सैंपल ठीक पाए गए और 12 सैंपलों में पानी की मिलावट पाई गई। पानी की मिलावट के अलावा किसी भी सैंपल में हानिकारक कैमीकल/बाहरी पदार्थ नहीं डाले गए।
दूध खपतकार जागरूकता कैंप की टीम के इंचार्ज दर्शन सिंह ने बताया कि कैंपों के अलावा अब सभी विभागीय दफ्तरों में भी दूध की जांच मुफ्त करवाई जा सकती है। यदि दूध की जांच का कैंप आयोजित करवाना हो तो विभाग के जिला स्तरीय या दफ्तर या हैल्प लाइन नंबर पर भी संपर्क किया जा सकता है।