उप राष्ट्रपति के रूप में राज्यसभा के संचालन में अहम भूमिका रहेगी धनखड़ की

Edited By PTI News Agency,Updated: 11 Aug, 2022 03:24 PM

pti state story

नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) भारत के 14वें उप राष्ट्रपति के रूप में बृहस्पतिवार को शपथ लेने वाले जगदीप धनखड़ की भूमिकाओं में राज्यसभा की कार्यवाही का संचालन अहम होगा।

नयी दिल्ली, 11 अगस्त (भाषा) भारत के 14वें उप राष्ट्रपति के रूप में बृहस्पतिवार को शपथ लेने वाले जगदीप धनखड़ की भूमिकाओं में राज्यसभा की कार्यवाही का संचालन अहम होगा।

देश के दूसरे सर्वोच्च संवैधानिक पद पर रहते हुए उप राष्ट्रपति के कर्तव्यों में मौजूदा राष्ट्रपति के निधन, इस्तीफे या उनके पद से हटने की स्थिति में तब तक देश के प्रथम नागरिक की जिम्मेदारियों का निर्वहन भी करना होता है जब तक नये राष्ट्रपति का चुनाव नहीं हो जाता।

उप राष्ट्रपति का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है लेकिन वह अपने उत्तराधिकारी के पद संभालने तक पद पर बने रह सकते हैं, भले ही कार्यकाल समाप्त हो गया हो।

इस अवधि में उप राष्ट्रपति को वो सभी शक्तियां, छूट और विशेषाधिकार प्राप्त होते हैं जो राष्ट्रपति को मिलते हैं और उन्हें राष्ट्रपति के समान ही वेतन और भत्ते भी दिये जाते हैं।

उप राष्ट्रपति की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार संविधान में इस बाबत कोई उल्लेख नहीं है कि यदि उप राष्ट्रपति का कार्यकाल समाप्त होने से पहले पद खाली हो जाए या वह देश के राष्ट्रपति की जिम्मेदारी निभा रहे हों तो उप राष्ट्रपति का कामकाज कौन देखेगा।

संविधान में उप राष्ट्रपति के कर्तव्यों के संबंध में यह उल्लेख किया गया है कि उनके पद पर नहीं रहने की स्थिति में राज्यसभा के सभापति के रूप में उनकी जिम्मेदारी उप सभापति या उच्च सदन के किसी ऐसे सदस्य द्वारा निभाये जाने का प्रावधान है, जिन्हें राष्ट्रपति ने मनोनीत किया हो।

उप राष्ट्रपति देश के राष्ट्रपति को इस्तीफा सौंपकर पद छोड़ सकते हैं। इस्तीफा स्वीकार किये जाने के दिन से प्रभाव में आ जाता है।

राज्यसभा में किसी समय उपस्थित सदस्यों में से आधे से अधिक सदस्यों द्वारा कोई प्रस्ताव पारित किये जाने और लोकसभा द्वारा उस पर सहमति जताये जाने के बाद उप राष्ट्रपति को पद से हटाया जा सकता है। इस उद्देश्य से प्रस्ताव कम से कम 14 दिन के नोटिस के बाद ही पेश किया जा सकता है।

उप राष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं और अन्य किसी लाभ के पद पर नहीं रहते। उप राष्ट्रपति अगर किसी अवधि में राष्ट्रपति की जिम्मेदारियां निभा रहे होते हैं तो वह राज्यसभा के सभापति के रूप में काम नहीं करते और उन्हें सभापति को देय कोई वेतन और भत्ता नहीं दिया जाता।


यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

Related Story

Trending Topics

India

South Africa

Match will be start at 02 Oct,2022 08:30 PM

img title img title

Everyday news at your fingertips

Try the premium service

Subscribe Now!