Edited By ,Updated: 06 Nov, 2026 02:15 AM

शिक्षा संस्थानों का वातावरण स्वच्छ और बुराइयों से रहित होने की उम्मीद की जाती है, परंतु अब चंद शिक्षा संस्थानों में भी अध्यापकों, स्टाफ के अन्य सदस्यों, उनके रिश्तेदारों तथा छात्रोंं द्वारा छात्राओं का यौन उत्पीडऩ एवं बलात्कार किए जाने लगे हैं जिनकी...
शिक्षा संस्थानों का वातावरण स्वच्छ और बुराइयों से रहित होने की उम्मीद की जाती है, परंतु अब चंद शिक्षा संस्थानों में भी अध्यापकों, स्टाफ के अन्य सदस्यों, उनके रिश्तेदारों तथा छात्रोंं द्वारा छात्राओं का यौन उत्पीडऩ एवं बलात्कार किए जाने लगे हैं जिनकी इसी वर्ष सामने आई चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :
* 9 जनवरी को ‘कानपुर’ (उत्तर प्रदेश) में एक शिक्षक को 10वीं कक्षा की एक छात्रा से बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोपी शिक्षक कोचिंग के दौरान छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाता था। इसका खुलासा तब हुआ जब पीड़ित छात्रा ने कोचिंग पर जाने से मना कर दिया और अपनी मां को सच्चाई बताई।
* 30 जनवरी को पुलिस ने ‘टीकमगढ़’ (मध्य प्रदेश) के एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को 6 वर्षीय एक नाबालिग छात्रा के साथ स्कूल परिसर में बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया।
* 31 मार्च को ‘कानपुर’ (उत्तर प्रदेश) के ‘छत्रपति शाहू जी महाराज’ विश्वविद्यालय’ में क्लास रूम के अंदर एक छात्रा के साथ तीन साथी छात्रों द्वारा छेड़छाड़ और सामूहिक बलात्कार का मामला दर्ज किया गया।
* 16 अप्रैल को ‘गुरुग्राम’ (हरियाणा) में स्थित एक कोचिंग सैंटर के ‘स्पैनिश टीचर’ पर एक छात्रा का यौन शोषण करने और डरा-धमका कर 2 बार गर्भपात कराने के आरोप में पीड़ित परिवार ने शिकायत दर्ज करवाई।
* 9 मई को पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी के एक स्कूल में दाखिल होने के अगले ही दिन एक 3 वर्षीय बच्ची का यौन उत्पीडऩ करने के आरोप में स्कूल के केयरटेकर को गिरफ्तार किया गया।
* 29 जुलाई को ‘लखनऊ’ के तालकटोरा इलाके में एक कोचिंग शिक्षक को 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा को डरा-धमका कर लगभग 1 वर्ष तक अपनी हवस का शिकार बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
* 30 अगस्त को ‘गोरखपुर’ (उत्तर प्रदेश) में एक स्कूल के मैनेजर के बेटे के विरुद्ध उसी स्कूल में दसवीं कक्षा में पढऩे वाली एक छात्रा को परीक्षा में फेल करवा देने की धमकियां देकर उससे लगातार कई महीनों तक बलात्कार करने के आरोप में पुलिस ने केस दर्ज किया।
* 27 सितम्बर को ‘अहमदाबाद’ (गुजरात) के ‘कच्छ’ जिले के ‘रापर’ तालुका में वंचित वर्ग के उत्थान के लिए काम करने वाले ‘ग्राम स्वराज संघर्ष’ के रैजिडैंशियल स्कूल में आठवीं कक्षा की 13 वर्षीय छात्रा के साथ बलात्कार के आरोप में पुलिस ने स्कूल के प्रिंसिपल को गिरफ्तार किया।
* 17 अक्तूबर को ‘अमरेली’ (गुजरात) के सरकारी स्कूल में छात्राओं को ‘मिशन स्माइल’ के अंतर्गत ‘गुड टच और बैड टच’ के बारे में बताने के लिए समारोह आयोजित किया गया। उसी दिन स्कूल के एक अध्यापक को स्कूल परिसर में एक लड़की से बलात्कार करने और 3 अन्य लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
* 2 नवम्बर को ‘गोड्डïा’ (झारखंड) में पुलिस ने एक मिशनरी स्कूल के पिं्रसीपल के विरुद्ध उसी स्कूल में नौकरी करने वाली एक महिला से पिछले 5 महीनों से लगातार बलात्कार करने के आरोप में केस दर्ज किया।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी पिं्रसीपल स्कूल में नौकरी करने वाले उसके पति को नौकरी से और उसी स्कूल में पढऩे वाले उसके बेटे को कक्षा से निकालने की धमकी देकर उससे बलात्कार करता रहा।
* और अब 4 नवम्बर को दिल्ली विश्वविद्यालय से सम्बन्धित एक कालेज के प्रोफैसर द्वारा एक छात्रा से छेड़छाड़, परीक्षा में फेल करने की धमकी देने, मारपीट करने, कई आपत्तिजनक ‘मैसेज’ भेजने और गलत ढंग से छूने की कोशिश करने के आरोपों की जांच के लिए एक समिति गठित करने के अलावा कालेज प्रबंधन द्वारा उसे छुट्टी पर भेज दिया गया। स्पष्ट है कि शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था की चूक तथा निगरानी की कमी के कारण छात्राएं ऐसी घटनाओं का शिकार बन रही हैं। अत: शिक्षा संस्थानों में टीचिंग तथा अन्य स्टाफ की नियुक्ति के समय केवल उनका शैक्षिक रिकार्ड ही नहीं बल्कि उनके नैतिक आचरण की भी पड़ताल की जाए और दोषियों को कठोरतम दंड दिया जाए ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।—विजय कुमार