Edited By Niyati Bhandari,Updated: 05 Nov, 2026 06:30 AM

Dhanteras to Diwali Shopping Guide 2026: Dhanteras 2026 Shopping List: धनतेरस (6 नवंबर) से लेकर दिवाली (8 नवंबर) तक किस दिन सोना, चांदी, बर्तन, झाड़ू और लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति खरीदना शुभ होता है? पढ़ें तिथिवार खरीदारी की पूरी गाइड।
Dhanteras to Diwali Shopping Guide 2026: दीपावली के पावन पर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है और दिवाली तक चलने वाले इस त्योहार में खरीदारी की परंपरा का विशेष महत्व है। पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन दिनों में घर में नई चीजें लाना सुख, शांति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। साल 2026 में धनतेरस का पर्व 6 नवंबर 2026 को और मुख्य दिवाली 8 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। यदि आप भी इस फेस्टिव सीजन में सोना, चांदी, बर्तन, झाड़ू, नए वाहन या इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यहां जानिए तिथिवार (Day-wise) शुभ खरीदारी की पूरी सूची।
धनतेरस (6 नवंबर 2026): सबसे पहली चीज का नाम है सोना-चांदी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना अति शुभ होता है। इस दिन सोना-चांदी खरीदने से इसमें दोगुना बढ़ोतरी होती है। तो वही धनतेरस के दिन सोने-चांदी के अलावा पीतल के बने बर्तन भी खरीदना शुभ होता है। इससे आपके घर में सुख-समृद्धि व संपन्नता में वृद्धि होती है।
कहा जाता है कि गोमती चक्र मां लक्ष्मी को अति प्रिय है। ऐसे में धनतेरस के दिन आप अपने घर में गोमती चक्र खरीदकर शाम को मां लक्ष्मी की पूजा के साथ इन गोमती चक्र की भी पूजा करें और बाद में इन्हें धन स्थान पर रख दें। मान्यता है कि इससे आपका धन स्थान हमेशा रूपये-पैसों से भरा रहता है।
इसके अलावा धनतेरस के दिन झाड़ू की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। झाड़ू को माता लक्ष्मी का स्वरूप भी माना जाता है। लेकिन झाड़ू खरीदते समय या ध्यान रखें कि फूल झाड़ू न लें बल्कि सींक वाली झाड़ू खरीदने से घर से दरिद्रता दूर होती है। तो वही धनतेरस के दिन धनिए के बीज खरीदना सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस दिन साबुत धनिया लाकर मां लक्ष्मी को अर्पित करना चाहिए और बाद में इसे अपने घर के बगीचे या फिर गमले में बो दें।

छोटी दिवाली / नरक चतुर्दशी (7 नवंबर 2026): धनतेरस के अगले दिन छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन घर की सुंदरता और उत्सव की तैयारी से जुड़ी वस्तुएं खरीदना उत्तम रहता है। दीये, मोमबत्ती, सोना, सजावट का समान, मिठाइयां आदि खरीदा जाता है। दिवाली पर्व पर नए वस्त्र पहनने की परंपरा है, इसलिए छोटी दिवाली के दिन परिवार के सदस्यों के लिए नए कपड़ों की खरीदारी करना एक बेहतरीन विकल्प है। घर में खुशियों के दीप जलते हैं और हर तरफ रोशनी जगमगाती है। मिठाइयां बांटी जाती है और बच्चे खूब पटाखे फोड़ते हैं। छोटी दिवाली पर यमराज की पूजा कर अकाल मृत्यु से रक्षा होती है और निरोगी काया के लिए प्रार्थना की जाती है। वहीं, बड़ी दीपावली को प्रदोष काल में महालक्ष्मी की पूजा कर धन-वैभव की प्रार्थना होती है।

दिवाली (8 नवंबर 2026): कार्तिक मास में बहुत सारे त्योहार पड़ते हैं। इन्हीं त्योहारों में से हिंदू संस्कृति का सबसे प्रसिद्ध और बड़ा त्योहार दीपावली कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है। इस दिन हर व्यक्ति की यह कोशिश रहती है कि वह मां लक्ष्मी और कुबेर की कृपा पाने के लिए कुछ विशेष करें। यह पांच दिवसीय त्यौहार विशेष प्रकार से आर्थिक सुदृढ़ता धन प्राप्ति हेतु मनाया जाता है। इस त्योहार पर स्थाई रहने वाली चीज़े जैसे कि संपत्ति, धातु, आभूषण, वाहन इत्यादि खरीदने से उनकी संख्या में वृद्धि होती है। ऐसा माना जाता है दीपावली की खरीदारी कर रहे हैं तो उन वस्तुओं की खरीदारी करें, जिनके मूल्य में वृद्धि होती रहती है। ऐसा करने से मां लक्ष्मी और धन कोष के देवता कुबेर जी की कृपा बनी रहती है। अधिक इन्वेस्ट नहीं कर सकते तो मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्ति, पूजा की थाली और कलश, सजावटी दीये और मोमबत्तियां खरीदें जा सकते हैं।