बच्चों के स्वस्थ-सुरक्षित भविष्य की दिशा में गुजरात सरकार की अनूठी पहल, राज्य में 18 साल तक के हर बच्चे का बनेगा 'हेल्थ पासपोर्ट'

Edited By Updated: 01 Jul, 2026 09:40 PM

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर इस बात पर ज़ोर देते हैं कि एक 'स्वस्थ भारत' की मजबूत नींव, 'स्वस्थ बचपन' पर ही रखी जा सकती है। पीएम मोदी के इसी विजन को धरातल पर उतारते हुए और 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने की दिशा में, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल...

नेशनल डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर इस बात पर ज़ोर देते हैं कि एक 'स्वस्थ भारत' की मजबूत नींव, 'स्वस्थ बचपन' पर ही रखी जा सकती है। पीएम मोदी के इसी विजन को धरातल पर उतारते हुए और 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने की दिशा में, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार बच्चों व किशोर-किशोरियों की हेल्थकेयर सुविधाओं को और ज्यादा स्मार्ट, सस्टेनेबल और फैमिली एवं चाइल्ड फ्रेंडली बनाने के लिए 'हेल्थ पासपोर्ट' का कॉन्सेप्ट लेकर आई है। 

स्कूल हेल्थ - राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (SH-RBSK) के तहत अब गुजरात में जन्म से 18 साल तक के हर बच्चे का अपना एक हेल्थ पासपोर्ट होगा। यह सिर्फ कोई सामान्य हेल्थ कार्ड नहीं, बल्कि बच्चे की जन्म से लेकर किशोरावस्था तक की पूरी स्वास्थ्य यात्रा का एक पक्का डॉक्युमेंट होगा। उल्लेखनीय है कि इस राज्यव्यापी कार्यक्रम की शुरुआत 27 जून 2026 को केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल की उपस्थिति में की गई है। 

1.89 करोड़ बच्चों के पास होगा अपना 'हेल्थ पासपोर्ट', 992 मोबाइल टीमें करेंगी तैयार

गुजरात में SH-RBSK के तहत हर साल लगभग 1.89 करोड़ बच्चों का हेल्थ चेकअप 992 मोबाइल हेल्थ टीमों द्वारा किया जाता है। फिलहाल इन चेकअप्स का रिकॉर्ड डिजिटल पोर्टल पर तो मौजूद है, लेकिन माता-पिता या बच्चों के पास ऐसा कोई हैंडी डॉक्युमेंट नहीं होता, जिसे वे रेगुलर रूटीन चेकअप, इलाज या फॉलो-अप के लिए आसानी से इस्तेमाल कर सकें। प्रस्तावित 'हेल्थ पासपोर्ट' इसी कमी को दूर करेगा और बच्चों के मेडिकल रिकॉर्ड्स को एक सिस्टमैटिक और आसान फॉर्मैट में पेश करेगा। 

आसान होगी हेल्थ पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया, स्क्रीनिंग स्थल पर ही मिलेगा पासपोर्ट, कोई अतिरिक्त दस्तावेज नहीं

अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस प्रक्रिया को बेहद सरल रखा गया है। बच्चों का 'हेल्थ पासपोर्ट' बनवाने के लिए माता-पिता को कोई अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। SH-RBSK की मोबाइल हेल्थ टीमों द्वारा आंगनवाड़ी, स्कूल, मदरसा, गुरुकुल और स्पेशल स्कूलों में बच्चों की हेल्थ स्क्रीनिंग की जाएगी। स्क्रीनिंग और डिजिटल प्लैटफॉर्म पर डेटा एंट्री के बाद बच्चों को यह हेल्थ पासपोर्ट वहीं दे दिया जाएगा। इतना ही नहीं, इसके रिन्यूअल की व्यवस्था भी स्पष्ट है। 5 साल तक के बच्चों या स्कूल न जाने वाले बच्चों के हेल्थ पासपोर्ट को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के मेडिकल ऑफिसर (MO) द्वारा हर साल रिन्यू किया जाएगा। वहीं, स्कूली छात्रों के लिए यह जिम्मेदारी स्कूल के प्राचार्य निभाएँगे।

18 साल तक के बच्चों की पूरी हेल्थ हिस्ट्री का 'इन्टीग्रेटेड रिकॉर्ड' बनेगा गुजरात का 'हेल्थ पासपोर्ट'

यह हेल्थ पासपोर्ट हर बच्चे की पर्सनल मेडिकल हिस्ट्री का एक मास्टर डॉक्युमेंट होगा। इसमें बच्चे की बेसिक डिटेल्स के साथ जन्म से 18 साल तक के उम्र-वार हेल्थ चेकअप का पूरा रिकॉर्ड दर्ज रहेगा। इसके अलावा, स्कूल हेल्थ-राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (SH-RBSK) के तहत फोकस की जाने वाली चार प्रमुख कैटेगरीज (4D) यानी जन्मजात डिफेक्ट्स, बीमारियां, न्यूट्रिशन की कमी और डेवलपमेंट में देरी या विकलांगता का पूरा अपडेट इसमें शामिल होगा। यही नहीं, बच्चे की शारीरिक-मानसिक वृद्धि व विकास, पोषण का स्तर, रेफरल सर्विसेज, पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े टिप्स, लाइफस्टाइल एडवाइस और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर भी इस पासपोर्ट का हिस्सा होंगे। आसान शब्दों में कहें तो परिवारों को बच्चे की सेहत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी एक ही जगह मिल जाएगी।

इस पहल की सबसे बड़ी यूएसपी इसका डिजिटल इंटीग्रेशन है। हेल्थ पासपोर्ट की फिजिकल कॉपी माता-पिता के पास ही सुरक्षित रहेगी, लेकिन इसे SH-RBSK डिजिटल पोर्टल के साथ पूरी तरह से सिंक किया जाएगा, जिससे डेटा मैनेजमेंट बिल्कुल सीमलेस रहेगा। अगर किसी वजह से फिजिकल हेल्थ पासपोर्ट खो जाता है या खराब हो जाता है, तो नया हेल्थ पासपोर्ट मोबाइल हेल्थ टीम द्वारा प्राप्त किया जा सकेगा। गुजरात सरकार द्वारा बच्चों के लिए लाए जा रहे इस ‘हेल्थ पासपोर्ट’ का मकसद सिर्फ मेडिकल फाइलें तैयार करना नहीं है, बल्कि माता-पिता को बच्चों के हेल्थ मैनेजमेंट में एक एक्टिव पार्टनर बनाना है। इससे बच्चों, पैरेंट्स और हेल्थकेयर सिस्टम के बीच एक मजबूत बॉन्ड बनेगा।

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