Edited By Radhika,Updated: 17 Apr, 2026 03:40 PM

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम और राज्य की नई सरकार को लेकर निशाना साधा। यादव ने पटना हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि महिला आरक्षण के साथ...
नेशनल डेस्क: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम और राज्य की नई सरकार को लेकर निशाना साधा। यादव ने पटना हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि महिला आरक्षण के साथ परिसीमन को जोड़ना एक सोची-समझी रणनीति है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण और परिसीमन दो अलग-अलग विषय हैं।
यादव ने कहा, "महिला आरक्षण विधेयक पहले ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका था और विपक्ष की मांग थी कि आरक्षण को 50 प्रतिशत किया जाए और इसमें पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को भी शामिल किया जाए लेकिन ऐसा नहीं किया गया।" उन्होंने कहा कि अब सरकार इसे लागू करने की समयसीमा वर्ष 2034 बता रही है, जिससे कई सवाल खड़े होते हैं। राजद नेता ने कहा कि असली मुद्दा परिसीमन का है जबकि महिला आरक्षण को आगे कर इसे प्रमुख मुद्दा बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल दिखावे की राजनीति है और सरकार संविधान व लोकतंत्र के मूल ढांचे को प्रभावित करने की दिशा में काम कर रही है।

यादव ने इस बीच बिहार में नई सरकार के गठन पर प्रतिक्रिया देते हुए नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई दी लेकिन साथ ही तंज कसते हुए कहा कि उनका राजनीतिक सफर कई दलों से होकर गुजरा है। उन्होंने कहा कि राज्य में पहले एक निर्वाचित मुख्यमंत्री था लेकिन अब एक 'चयनित' मुख्यमंत्री आया है। यादव ने दावा किया कि इससे राज्य की सत्ता का नियंत्रण अब बिहार से बाहर चला जाएगा। उन्होंने कहा, ''अब बिहार सरकार गुजरात से चलेगी।''