‘सड़कों पर गड्ढे’ बड़ी संख्या में हो रही मौतें!

Edited By Updated: 07 Feb, 2026 03:54 AM

potholes on the roads  are causing a large number of deaths

भारत में जहां एक ओर हाईवे तथा एक्सप्रैस-वे बनाने की रफ्तार में तेजी आई है, वहीं आज भी सड़कों पर पड़े गड्ढे के कारण होने वाली वाहन दुर्घटनाएं बड़ी संख्या में लोगों की मौत का कारण बन रही हैं और इनमें लगातार वृद्धि हो रही है।

भारत में जहां एक ओर हाईवे तथा एक्सप्रैस-वे बनाने की रफ्तार में तेजी आई है, वहीं आज भी सड़कों पर पड़े गड्ढे के कारण होने वाली वाहन दुर्घटनाएं बड़ी संख्या में लोगों की मौत का कारण बन रही हैं और इनमें लगातार वृद्धि हो रही है। इसके अधिकांश शिकार दोपहिया वाहन चालक हो रहे हैं जिनकी गत 6 महीनों की चंद घटनाएं निम्न में दर्ज हैं :

* 28 जुलाई, 2025 को ‘मुम्बई’ (महाराष्ट्र) के ‘पवई’ में एक स्कूटर सवार सड़क पर पड़े गड्ढे से टकरा कर सड़क पर गिर गया और पीछे से आ रहा ट्रक उसे रौंदता हुआ निकल गया जिससे उसकी मौत हो गई। 
* 7 अगस्त, 2025 को ‘सतगावां’ (बिहार) के ‘पहाड़ सिंह खैरा’ कस्बे में सड़क पर बने गहरे गड्ढे के कारण एक मोटरसाइकिल के बेकाबू होकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से उस पर सवार 2 युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। 
* 22 अगस्त, 2025 को ‘भिवंडी’ (महाराष्ट्र) में ऊबड़-खाबड़ सड़क पर से गुजर रही एक स्कूटी फिसल कर गिर पड़ी जिससे स्कूटी सवार को पीछे से आ रहे एक कंटेनर ट्रक ने कुचल दिया जिससे उसकी मौत हो गई। 
* 2 नवम्बर, 2025 को ‘फाल्टन’ (महाराष्ट्र) में पुणे-बेंगलूर हाईवे पर सड़क पर बने गड्ढे के कारण एक मोटरसाइकिल पलट जाने से उस पर सवार एक पुरुष और एक महिला की मौत हो गई। 
* 23 नवम्बर, 2025 को ‘पालघर’ (महाराष्ट्र) में ‘महेश देसाई’ नामक एक व्यक्ति की स्कूटी को सड़क पर पड़े गड्ढे से झटका लगने के कारण वह सड़क पर आ गिरा जिसे पीछे से आ रहे एक ट्रक ने कुचल दिया। 
* 29 दिसम्बर, 2025 को ‘विलियापल्ली’ (केरल) में ‘वधाकारा’ में एक सड़क पर खोदे गए गड्ढे में गिर कर ‘मूसा’ नामक व्यक्ति मारा गया। 

* 16 जनवरी, 2026 को ‘नोएडा’ (उत्तर प्रदेश) में एक निर्माणाधीन सड़क पर पानी से भरे गड्ढे में कार पलट जाने के कारण उसमें सवार साफ्टवेयर इंजीनियर ‘युवराज मेहता’ की पानी में डूब कर मौत हो गई। 
* 4 फरवरी, 2026 को ‘ग्रेटर नोएडा’ (उत्तर प्रदेश) में ‘समसपुर’ गांव के निकट सड़क पर बने गड्ढे के कारण वहां से गुजर रही ट्रैक्टर ट्राली बेकाबू हो जाने से उस पर सवार एक मजदूर की नीचे गिर कर मौत हो गई। 
* 5 फरवरी, 2026 को ‘दिल्ली’ के जनकपुरी इलाके में रात के समय अपने कार्यालय से घर लौट रहे एक युवक का मोटरसाइकिल दिल्ली जलबोर्ड द्वारा सड़क पर खोदे गए एक गहरे गड्ढे में जा गिरा। गंभीर रूप से घायल युवक पूरी रात उसी गड्ढे में फंसा रहा तथा कोई सहायता न मिल पाने के कारण उसकी तड़प-तड़प कर मौत हो गई। 

* 6 फरवरी, 2026 को ‘लखनऊ’ (उत्तर प्रदेश) में घने कोहरे के कारण सड़क पर पड़ा गड्ढा न दिखने के कारण एक कार उसमें पलट जाने के परिणामस्वरूप उसमें सवार एक व्यक्ति की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई।
सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2020 में सड़कों पर बने गड्ढों के कारण हुई वाहन दुर्घटनाओं में 3564 लोगों, 2021 में 3625 लोगों और 2022 में 4446 लोगों की मौत हुई जो संबंधित राज्यों की सरकारों, प्रशासन और स्थानीय विभागों की लापरवाही को दर्शाता है।  
सड़कों पर गड्ढों से मौतों सम्बन्धी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए अक्तूबर, 2025 में बाम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश देते हुए कहा था कि ‘‘सड़कों पर गड्ढों या खुले मैन होल के कारण होने वाली मौतों के मामले में पीड़ितों को कम से कम 6 लाख रुपए मुआवजा दिया जाना चाहिए।’’ 

इससे पहले 20 जुलाई, 2018 को भी सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि,‘‘सड़कों पर गड्ढïों से होने वाली दुर्घटनाओं में मौतों से स्पष्टï है कि इनके लिए जिम्मेदार अधिकारी अपनी ड्यूटी सही ढंग से नहीं निभा रहे हैं।’’
ये घटनाएं केवल पीड़ित परिवारों का दुख नहीं हैं बल्कि अव्यवस्था की ज्वलंत तस्वीर पेश करती हैं। सड़कों की पूरी जिम्मेदारी सरकार की सिविक बॉडी के अंतर्गत आती है और गड्ढों के कारण होने वाली मौतों के लिए भी वही जिम्मेदार है। अत: अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करके उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।—विजय कुमार 

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