Edited By jyoti choudhary,Updated: 20 Feb, 2026 04:13 PM

घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए शुरू की गई 'उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन' (पीएलआई) योजना के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दवा समेत 14 क्षेत्रों को अब तक 28,748 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। सरकार ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सरकार ने वर्ष 2021...
नई दिल्लीः घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए शुरू की गई 'उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन' (पीएलआई) योजना के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दवा समेत 14 क्षेत्रों को अब तक 28,748 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। सरकार ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। सरकार ने वर्ष 2021 में घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के इरादे से 14 क्षेत्रों के लिए 1.97 लाख करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ पीएलआई योजनाओं की घोषणा की थी। दिसंबर, 2025 तक पीएलआई योजना के तहत 14 क्षेत्रों में कुल 836 आवेदनों को मंजूरी दी जा चुकी थी जिनमें कुल 2.16 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश शामिल हैं।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा कि इन क्षेत्रों में 20.41 लाख करोड़ रुपए से अधिक की कुल बिक्री और 8.3 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निर्यात हुआ। इन योजनाओं से 14.39 लाख से अधिक लोगों को रोजगार भी मिला है। मंत्रालय ने कहा, "पीएलआई योजनाओं के तहत 31 दिसंबर, 2025 तक 28,748 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं।"
पीएलआई योजना शुरू होने से वित्त 2020–21 के बाद से मोबाइल फोन के आयात में लगभग 77 प्रतिशत की कमी आई है। अब देश की 99 प्रतिशत से अधिक मांग स्थानीय उत्पादन के माध्यम से पूरी की जा रही है। इन 14 क्षेत्रों में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी हार्डवेयर निर्माण, दवाइयों के कच्चे माल, चिकित्सा उपकरण, दवा उद्योग, दूरसंचार और नेटवर्किंग उपकरण, खाद्य प्रसंस्करण, घरेलू इलेक्ट्रॉनिक सामान (जैसे फ्रिज और एसी), ड्रोन, विशेष प्रकार का इस्पात, कपड़ा उद्योग, वाहन और उनके कलपुर्जों का विनिर्माण शामिल है।