मार्च की शुरुआत में चांद की ओर उड़ान भरेगा NASA का मानव मिशन, फ्यूल लीकेज की समस्या दूर

Edited By Updated: 20 Feb, 2026 11:19 PM

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अमेरिका एक बार फिर चांद की ओर बड़ा कदम बढ़ाने जा रहा है। NASA ने पुष्टि की है कि वह 6 मार्च 2026 को अपने अगले मानवयुक्त (क्रूड) चंद्र मिशन को लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। यह फैसला एक महत्वपूर्ण “वेट ड्रेस रिहर्सल” (Wet Dress Rehearsal) के सफल...

इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका एक बार फिर चांद की ओर बड़ा कदम बढ़ाने जा रहा है। NASA ने पुष्टि की है कि वह 6 मार्च 2026 को अपने अगले मानवयुक्त (क्रूड) चंद्र मिशन को लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। यह फैसला एक महत्वपूर्ण “वेट ड्रेस रिहर्सल” (Wet Dress Rehearsal) के सफल होने और पहले सामने आई ईंधन रिसाव (फ्यूल लीकेज) की समस्या को ठीक करने के बाद लिया गया है।

क्या होती है वेट ड्रेस रिहर्सल?

वेट ड्रेस रिहर्सल असल लॉन्च से पहले की पूरी रिहर्सल होती है। इसमें रॉकेट को लॉन्च पैड पर पूरी तरह तैयार किया जाता है। काउंटडाउन की पूरी प्रक्रिया दोहराई जाती है और रॉकेट में अत्यंत ठंडा ईंधन (सुपर-कोल्ड प्रोपेलेंट) भरा जाता है। पहली रिहर्सल के दौरान इंजीनियरों ने हाइड्रोजन गैस का रिसाव (लीकेज) पाया था। सुरक्षा कारणों से लॉन्च की तैयारी रोक दी गई और विस्तृत तकनीकी जांच शुरू की गई।

अब NASA के अधिकारियों के मुताबिक लीकेज की समस्या पूरी तरह ठीक कर दी गई है। हाल ही में हुए नए परीक्षण में ऐसी कोई समस्या दोबारा नहीं मिली। NASA ने अपने बयान में कहा कि वेट टेस्ट सफल रहा और पहले देखी गई तकनीकी खामियों को दूर कर लिया गया है। अब सभी सिस्टम की गहन समीक्षा की जाएगी।

किस रॉकेट से जाएगा मिशन?

इस मिशन में Space Launch System (SLS) रॉकेट का इस्तेमाल किया जाएगा। SLS अब तक का NASA का सबसे शक्तिशाली रॉकेट है। यह अंतरिक्ष यात्रियों को Orion स्पेसक्राफ्ट में बैठाकर चांद की कक्षा तक ले जाएगा। यह मिशन भविष्य में चांद पर स्थायी मानव मौजूदगी की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

आगे क्या होगा?

लॉन्च से पहले एक अहम बैठक होगी जिसे “फ्लाइट रेडीनेस रिव्यू” (FRR) कहा जाता है। यह समीक्षा अगले सप्ताह के अंत तक होने की संभावना है। इसमें मिशन मैनेजर, इंजीनियर और सुरक्षा अधिकारी शामिल होंगे। वेट ड्रेस रिहर्सल और अन्य तकनीकी परीक्षणों के डेटा का विस्तार से विश्लेषण किया जाएगा। सभी सिस्टम को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही लॉन्च की हरी झंडी दी जाएगी।

सुरक्षा को दी जा रही है सबसे ज्यादा प्राथमिकता

NASA ने साफ किया है कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

टीमें इन सभी पहलुओं की गहन जांच करेंगी:

  • प्रोपल्शन सिस्टम (ईंधन और इंजन)

  • एवियोनिक्स (इलेक्ट्रॉनिक नियंत्रण प्रणाली)

  • लाइफ सपोर्ट सिस्टम (अंतरिक्ष यात्रियों के लिए ऑक्सीजन, तापमान आदि)

  • ग्राउंड ऑपरेशंस (लॉन्च पैड और जमीन से जुड़ी व्यवस्थाएं)

पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही रॉकेट को उड़ान की अनुमति दी जाएगी।

अंतरिक्ष यात्री जाएंगे “सॉफ्ट क्वारंटीन” में

मिशन से पहले चारों अंतरिक्ष यात्री “सॉफ्ट क्वारंटीन” में जाएंगे। यह एक सामान्य प्रक्रिया है जिसमें बाहरी लोगों से संपर्क सीमित कर दिया जाता है। संक्रमण से बचाव सुनिश्चित किया जाता है और अंतरिक्ष यात्रियों की सेहत पर खास नजर रखी जाती है। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि लॉन्च के समय पूरी टीम शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ हो।

क्यों है यह मिशन खास?

अगर सभी तैयारियां योजना के अनुसार पूरी होती हैं, तो 6 मार्च 2026 को होने वाला यह लॉन्च अमेरिका की गहरे अंतरिक्ष (Deep Space) में ऐतिहासिक वापसी का संकेत होगा। चांद पर दोबारा मानव मिशन भेजने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा और  साथ ही भविष्य में चांद की सतह पर स्थायी ठिकाने बनाने की राह को मजबूत करेगा। यह मिशन NASA की लंबी अवधि की चंद्र अन्वेषण योजना का अहम पड़ाव माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में इंसानों को चांद और उससे आगे मंगल ग्रह तक ले जाने की तैयारी का हिस्सा है।

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