SEC कार्रवाई की खबर से Adani Group के शेयर क्रैश, 14% तक लुढ़के स्टॉक

Edited By Updated: 23 Jan, 2026 03:07 PM

adani group shares crashed following news of sec action

देश के तीसरे सबसे बड़े औद्योगिक समूह अडानी ग्रुप के शेयरों में शुक्रवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। अमेरिका के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) से जुड़ी कानूनी कार्रवाई की खबर के बाद ग्रुप की प्रमुख कंपनियों के शेयर 14 फीसदी तक टूट गए। गिरावट...

बिजनेस डेस्कः देश के तीसरे सबसे बड़े औद्योगिक समूह अडानी ग्रुप के शेयरों में शुक्रवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। अमेरिका के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) से जुड़ी कानूनी कार्रवाई की खबर के बाद ग्रुप की प्रमुख कंपनियों के शेयर 14 फीसदी तक टूट गए। गिरावट के चलते अडानी ग्रुप की 10 लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप एक ही दिन में करीब 1.1 लाख करोड़ रुपए घटकर 12.45 लाख करोड़ रुपए रह गया।

सबसे ज्यादा दबाव अडानी ग्रीन एनर्जी पर देखने को मिला, जिसके शेयर 14.14% गिरकर 776.40 रुपए पर आ गए। ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर 9% से ज्यादा टूटकर 1,886.80 रुपए पर पहुंच गए, जो इसका 52 हफ्ते का निचला स्तर है। वहीं, अडानी एनर्जी के शेयर 11% गिरकर 822.15 रुपए, जबकि अडानी पोर्ट्स के शेयर करीब 8% फिसलकर 1,295.40 रुपए पर आ गए। इसके अलावा अंबुजा सीमेंट, ACC और अडानी टोटल गैस समेत ग्रुप की अन्य कंपनियों के शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली।

क्या है पूरा मामला?

अमेरिकी रेगुलेटर SEC ने एक अमेरिकी अदालत से अनुमति मांगी है कि वह अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी को सीधे ईमेल के जरिए समन भेज सके। SEC ने कोर्ट को बताया कि भारत ने पहले दो मौकों पर आधिकारिक चैनलों के जरिए समन भेजने के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था। SEC का कहना है कि मौजूदा तरीकों से समन भेजने में सफलता की संभावना कम है, इसलिए ईमेल के जरिए नोटिस भेजने की मंजूरी मांगी गई है।

यह मामला अमेरिका में किसी भारतीय औद्योगिक समूह से जुड़ा अब तक का सबसे बड़ा कानूनी केस माना जा रहा है। अमेरिकी एजेंसी पिछले साल से ही इस समन को भेजने की कोशिश कर रही है।

अडानी ग्रुप का पक्ष

अडानी ग्रुप ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। ग्रुप ने कहा है कि आरोप बेबुनियाद हैं और वह अपने बचाव के लिए सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करेगा। हालांकि, SEC की इस ताजा फाइलिंग पर ग्रुप की ओर से तत्काल कोई नई प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं, भारत के कानून मंत्रालय ने भी इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया है। मंत्रालय पहले ही इसे निजी संस्थाओं और अमेरिका के बीच का कानूनी विवाद बता चुका है।

क्या हैं आरोप?

नवंबर 2024 में सामने आए आरोपों के मुताबिक, अडानी ग्रुप के कुछ अधिकारियों पर बिजली खरीद समझौते हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने का आरोप है। SEC की शिकायत में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी निवेशकों को कंपनी की भ्रष्टाचार-रोधी नीतियों को लेकर भ्रामक जानकारी दी गई।

 

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