पश्चिम एशिया में तनाव से शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 252 अंक फिसला

Edited By Updated: 05 May, 2026 05:56 PM

bse closes down 251 points at 77 017 nifty 24 032 80

मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत ही कमजोरी के साथ हुई और दोपहर तक बिकवाली का दबाव और बढ़ गया।

मुंबईः वैश्विक तनाव बढ़ने और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच मंगलवार को घरेलू शेयर बाजारों में बिकवाली के दबाव की वजह से गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स में 252 अंक की गिरावट आई जबकि निफ्टी 86 अंक टूटकर बंद हुआ। विश्लेषकों के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में बढ़ता तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच संघर्ष विराम पर दबाव घरेलू बाजार में गिरावट की मुख्य वजह रही। इसके अलावा कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच रुपए के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।

बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स उतार-चढ़ाव भरे सत्र में 251.61 अंक यानी 0.33 प्रतिशत गिरकर 77,017.79 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 754.37 अंक लुढ़ककर 76,515.03 के स्तर तक आ गया था। वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 86.50 अंक यानी 0.36 प्रतिशत टूटकर 24,032.80 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से आईसीआईसीआई बैंक, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक, भारती एयरटेल और लार्सन एंड टुब्रो के शेयर प्रमुख रूप से नुकसान में रहे। दूसरी तरफ, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व और बजाज फाइनेंस में बढ़त दर्ज की गई। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव भरा सत्र रहा और चुनावों के बाद का उत्साह कमजोर पड़ने के साथ बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच दुनिया के अन्य बाजारों में कमजोर रुख के अनुरूप बाजार में गिरावट रही।"

नायर ने कहा कि ऊंचे कच्चे तेल के दामों का दबाव बने रहने से रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया। इन प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद कंपनियों के उम्मीद से थोड़े बेहतर परिणामों ने कुछ सहारा दिया और चुनिंदा शेयरों में निचले स्तर पर खरीदारी देखी गई। व्यापक बाजार में मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.12 प्रतिशत के नुकसान में रहा जबकि छोटी कंपनियों के स्मालकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.14 प्रतिशत की गिरावट रही। क्षेत्रवार सूचकांकों में रियल्टी खंड सर्वाधिक 1.38 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ जबकि शीर्ष 10 बैंक सूचकांक में 0.79 प्रतिशत, सेवा खंड में 0.63 प्रतिशत और टिकाऊ उपभोक्ता खंड में 0.62 प्रतिशत की गिरावट रही।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख (संपत्ति प्रबंधन) सिद्धार्थ खेमका ने कहा, "पश्चिम एशिया में नए सिरे से बढ़ते तनाव और रुपए के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ जाने से घरेलू बाजार दबाव में रहे। यूएई में ऊर्जा अवसंरचनाओं पर नए हमलों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।"

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 113 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। वहीं रुपया दो पैसे कमजोर होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.25 के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया, जापान और चीन के बाजार बंद रहे जबकि हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक गिरावट में रहा। यूरोपीय बाजार मिलेजुले रुख के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 2,835.62 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की थी। सेंसेक्स सोमवार को बाजार की उम्मीदों के अनुरूप चुनावी नतीजे आने से 355.90 अंक चढ़कर 77,269.40 अंक और निफ्टी 121.75 अंक बढ़कर 24,119.30 अंक पर बंद हुआ था।

 

 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!