Edited By jyoti choudhary,Updated: 04 Aug, 2026 05:12 PM

मंगलवार को शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 210.08 अंक गिरकर 78,428.95 पर आ गया, जबकि निफ्टी 159.40 अंक की गिरावट के साथ 24,614.90 के स्तर पर बंद हुआ।
मुंबईः स्थानीय शेयर बाजारों में पिछले चार कारोबारी सत्रों से जारी तेजी पर मंगलवार को विराम लगा और दोनों मानक सूचकांक नुकसान में रहे। वायदा एवं विकल्प अनुबंध में शेयर के लिए नई नीलामी प्रक्रिया पेश होने के बाद बीएसई सेंसेक्स 210 अंक टूटा जबकि एनएसई निफ्टी में 159 अंक की गिरावट आई। नकद इक्विटी खंड में समापन नीलामी सत्र (सीएएस) सोमवार से शुरू हो गई। इसके तहत पात्र शेयरों के समापन मूल्य तय करने के लिए नई नीलामी आधारित व्यवस्था लागू की गई है। इसका उद्देश्य कीमतों की खोज प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाना है।
नई नीलामी व्यवस्था लागू होने के बाद मंगलवार को शुरुआती कारोबार में बाजार के प्रमुख सूचकांक मिले-जुले रुख के साथ कारोबार करते नजर आए। शुरुआती बढ़त गंवाने के बाद तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 210.08 अंक यानी 0.27 प्रतिशत टूटकर 78,428.95 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ऊंचे में 79,143.15 अंक तक गया जबकि नीचे में 78,211.87 अंक तक आया। कारोबार के दौरान इसमें 931.28 अंक का उतार-चढ़ाव देखने को मिला। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी पूरे कारोबार में नुकसान में रहा और अंत में 159.40 अंक यानी 0.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,614.90 अंक पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान एक समय यह 346.35 अंक यानी 1.39 प्रतिशत टूटकर 24,427.95 अंक के निचले स्तर तक आ गया था। शेयर बाजारों में सोमवार को नई नीलामी व्यवस्था लागू होने के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में असामान्य अंतर देखने को मिला था। आमतौर पर दोनों प्रमुख सूचकांकों की चाल एक जैसी रहती है। एचएसटी वेल्थ के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा कि वायदा एवं विकल्प शेयरों के लिए समापन नीलामी सत्र (सीएएस) शुरू होने से प्रमुख सूचकांकों में उतार-चढ़ाव का एक नया स्तर जुड़ गया है।
मंगलवार के कारोबार में बाजार की नई संरचना के अनुसार शुरुआती समायोजन देखने को मिला। उन्होंने कहा कि सोमवार की नीलामी के कारण कई सूचकांक में शामिल प्रमुख शेयरों के बंद भाव ऊपर चले गए थे। इसके बाद निवेशकों ने मंगलवार को अपनी स्थिति में बदलाव किया और कीमतें लगातार कारोबार के दौरान बने स्तर की ओर लौटती दिखीं।
राधाकृष्णन के अनुसार, ''इसका असर सेंसेक्स की तुलना में निफ्टी में अधिक दिखाई दिया, क्योंकि नई नीलामी व्यवस्था से प्रभावित शेयरों में मुनाफावसूली अपेक्षाकृत अधिक रही।'' उन्होंने कहा कि यह अंतर बाजार की कार्यप्रणाली से जुड़ा है, न कि बुनियादी कारकों में किसी बड़े बदलाव का संकेत है। सेंसेक्स सोमवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी जारी रखते हुए 544.39 अंक यानी 0.70 प्रतिशत चढ़कर 78,639.03 अंक पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 390.70 अंक यानी 1.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,774.30 अंक पर पहुंच गया था।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ''मंगलवार को वायदा एवं विकल्प खंड में अनुबंधों की साप्ताहिक समाप्ति और एफ एंड ओ के शेयरों के समापन मूल्य तय करने के लिए लागू नई व्यवस्था के कारण बाजार के रुझान में असामान्य बदलाव देखने को मिला।'' सेंसेक्स के शेयरों में हिंदुस्तान यूनिलीवर, एनटीपीसी, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंटरग्लोब एविएशन और टेक महिंद्रा प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं। दूसरी तरफ, ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और टाटा स्टील में तेजी रही।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.49 प्रतिशत बढ़कर 85.86 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में 922.26 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट में रहा। यूरोप के प्रमुख बाजारों में ज्यादातर में दोपहर के कारोबार में सकारात्मक रुख रहा। अमेरिकी बाजार सोमवार को तेज बढ़त के साथ बंद हुए थे।