Edited By jyoti choudhary,Updated: 21 Mar, 2026 06:25 PM

वैश्विक तनाव और कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच चीन ने चांदी के आयात में बड़ा कदम उठाया है। 2026 के पहले दो महीनों में चीन ने चांदी का आयात बढ़ाकर आठ साल का रिकॉर्ड बना दिया है। कस्टम्स डेटा के मुताबिक, जनवरी और फरवरी में चीन ने 790 टन से ज्यादा...
बिजनेस डेस्कः वैश्विक तनाव और कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच चीन ने चांदी के आयात में बड़ा कदम उठाया है। 2026 के पहले दो महीनों में चीन ने चांदी का आयात बढ़ाकर आठ साल का रिकॉर्ड बना दिया है। कस्टम्स डेटा के मुताबिक, जनवरी और फरवरी में चीन ने 790 टन से ज्यादा चांदी आयात की, जिसमें फरवरी में अकेले करीब 470 टन का रिकॉर्ड शामिल है।
स्थानीय मांग बढ़ी, कीमतें ग्लोबल स्तर से ऊपर
रिपोर्ट्स के अनुसार, औद्योगिक और निवेश मांग में तेजी के कारण चीन में चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय स्तर से ऊपर पहुंच गईं। इससे घरेलू स्टॉक तेजी से घटे और आयात बढ़ाने की जरूरत पड़ी। 2026 में चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। 29 जनवरी को स्पॉट सिल्वर 121.62 डॉलर प्रति औंस के उच्च स्तर पर पहुंचा लेकिन 6 फरवरी तक यह गिरकर करीब 64 डॉलर प्रति औंस रह गया।
Goldman Sachs की चेतावनी
Goldman Sachs के विश्लेषकों ने पहले ही आगाह किया था कि चीन के नए एक्सपोर्ट कंट्रोल्स से स्थानीय कमी और वैश्विक बाजार में असंतुलन बढ़ सकता है। इससे ग्लोबल सिल्वर मार्केट के अलग-अलग हिस्सों में बंटने का खतरा भी पैदा हो सकता है।
सप्लाई बाधाओं से बढ़ी अस्थिरता
विश्लेषकों के अनुसार, कम इन्वेंट्री और सप्लाई में रुकावट के कारण चांदी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। यह स्थिति वैश्विक कमी से ज्यादा स्थानीय सप्लाई बाधाओं की वजह से बनी है।
नए नियमों से बाजार पर असर
2026 में लागू नए नियमों के तहत चीन में चांदी के निर्यात के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी कर दी गई है। इससे बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है और निवेशक अपने स्टॉक जमा करने लगे हैं।
ग्लोबल मार्केट पर दिख सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन के इस कदम से वैश्विक चांदी बाजार पर असर पड़ सकता है। आगे चलकर कीमतों में तेज और स्थानीय स्तर पर बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।