Edited By jyoti choudhary,Updated: 01 Jun, 2026 11:47 AM

1 जून 2026 से भारत में क्रेडिट कार्ड और बैंकिंग से जुड़े नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव प्रभावी हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम जनता की जेब और रोजमर्रा के वित्तीय फैसलों पर पड़ रहा है। कोटक महिंद्रा, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बैंकों...
बिजनेस डेस्कः 1 जून 2026 से भारत में क्रेडिट कार्ड और बैंकिंग से जुड़े नियमों में कई महत्वपूर्ण बदलाव प्रभावी हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम जनता की जेब और रोजमर्रा के वित्तीय फैसलों पर पड़ रहा है। कोटक महिंद्रा, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बैंकों ने रिवॉर्ड पॉइंट्स, ट्रांजेक्शन फीस, ब्याज दरों और अलर्ट सिस्टम से जुड़े नियमों में बदलाव किया है।
कोटक महिंद्रा बैंक
1 जून से बैंक ने रिवॉर्ड पॉइंट्स के नियमों को कड़ा कर दिया है। अब यूटिलिटी बिल, फ्यूल, रेंट और इंश्योरेंस पर रिवॉर्ड पॉइंट्स कमाने की एक सीमा (कैपिंग) तय कर दी गई है और पॉइंट्स की रिडेम्पशन वैल्यू को भी घटा दिया गया है। इसके साथ ही, रेंट और एजुकेशन पेमेंट्स पर 1% ट्रांजेक्शन फीस लागू कर दी गई है।
बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB)
बैंक ने अपने 'वन को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड' पर बकाया राशि (unpaid dues) के लिए ब्याज दर को 3.49% से बढ़ाकर 3.75% प्रति माह कर दिया है। यह नया नियम 23 जून 2026 से प्रभावी होगा।
ICICI बैंक
18 जून 2026 से अमेजन पे क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके रेंट पेमेंट करने पर मिलने वाला 1% रिवॉर्ड पॉइंट बेनिफिट बंद कर दिया जाएगा।
HDFC बैंक
25 जून 2026 से बैंक ने लागत प्रबंधन के तहत छोटे ट्रांजेक्शंस के एसएमएस अलर्ट बंद करने का फैसला किया है। अब ग्राहकों को केवल 100 रुपए से अधिक के यूपीआई भुगतान और 500 रुपए से अधिक की प्राप्ति पर ही एसएमएस मिलेंगे, हालांकि सभी ट्रांजेक्शंस की जानकारी ईमेल पर मिलती रहेगी।
कुल मिलाकर, अब रेंट, फ्यूल और यूटिलिटी बिल जैसे खर्चों पर क्रेडिट कार्ड से मिलने वाले फायदे कम हो गए हैं और कुछ मामलों में अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ सकता है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि कार्ड धारक अतिरिक्त शुल्क से बचने के लिए समय पर बकाया चुकाएं और बैंक की वेबसाइट या ऐप से नए नियमों की निरंतर जांच करते रहें।