Banking Sector: बीमा बेचकर सरकारी बैंकों की बढ़ी कमाई, कमीशन में हुई वृद्धि

Edited By Updated: 14 Jul, 2026 04:36 PM

public sector banks see rise in earnings from insurance sales

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के बीमा उत्पादों की बिक्री से मिलने वाला कमीशन में वित्त वर्ष 2025-26 में अच्छी वृद्धि देखने को मिली है। अधिकतर बैंकों ने इस कारोबार से प्राप्त आय में वृद्धि दर्ज की। हालांकि, म्यूचुअल फंड वितरण से होने वाली आय...

मुंबईः सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के बीमा उत्पादों की बिक्री से मिलने वाला कमीशन में वित्त वर्ष 2025-26 में अच्छी वृद्धि देखने को मिली है। अधिकतर बैंकों ने इस कारोबार से प्राप्त आय में वृद्धि दर्ज की। हालांकि, म्यूचुअल फंड वितरण से होने वाली आय का रुख मिला-जुला रहा। कुछ बैंकों की इस मद से आय बढ़ी, जबकि कुछ में गिरावट दर्ज की गई। 

बैंकों की वार्षिक रिपोर्ट के विश्लेषण के अनुसार, देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने इस क्षेत्र में अपना दबदबा बनाए रखा। वित्त वर्ष 2025-26 में बैंक का बीमा कमीशन 19.26 प्रतिशत बढ़कर 2,795.01 करोड़ रुपए हो गया जो वित्त वर्ष 2024-25 में 2,345.36 करोड़ रुपए था। एसबीआई का म्यूचुअल फंड वितरण से कमीशन 7.05 प्रतिशत बढ़कर 1,617.52 करोड़ रुपए हो गया जो वित्त वर्ष 2024-25 में 1,511.06 करोड़ रुपए था। 

एसबीआई की बीमा कमीशन से हुई कुल 2,795.01 करोड़ रुपए की आय में से 2,384.63 करोड़ रुपए (करीब 85 प्रतिशत) उसकी जीवन बीमा अनुषंगी एसबीआई लाइफ की पॉलिसियों के वितरण से प्राप्त हुई। इसी तरह, 22,000 से अधिक शाखाओं वाले देश के सबसे बड़े बैंक की म्यूचुअल फंड वितरण से कुल आय में लगभग तीन-चौथाई यानी 1,209.33 करोड़ रुपए का योगदान एसबीआई म्यूचुअल फंड का रहा। बीमा एवं म्यूचुअल फंड वितरण से कमीशन में यह वृद्धि ऐसे समय हुई है, जब वित्त मंत्रालय ने बैंकों को गलत तरीके से उत्पाद बेचने के प्रति आगाह किया है और उन्हें अपनी मूल बैंकिंग गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा है। 

विश्लेषण के अनुसार, बैंकों ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) जैसी सरकारी बीमा योजनाओं का भी वितरण किया। अन्य बड़े सरकारी बैंकों में केनरा बैंक का प्रदर्शन भी काफी मजबूत रहा। उसका बीमा कमीशन 15.67 प्रतिशत बढ़कर 566.36 करोड़ रुपए हो गया जो एक वर्ष पहले 489.64 करोड़ रुपए था। म्यूचुअल फंड वितरण से कमीशन 8.41 प्रतिशत बढ़कर 72.84 करोड़ रुपए हो गया। बैंक ऑफ बड़ौदा का बीमा कमीशन 3.76 प्रतिशत बढ़कर 368.93 करोड़ रुपए रहा। हालांकि, म्यूचुअल फंड वितरण से कमीशन 0.82 प्रतिशत घटकर 142.52 करोड़ रुपए रह गया। 

दूसरी ओर, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की दोनों श्रेणियों से आय में गिरावट दर्ज की गई। पीएनबी का बीमा कमीशन 8.61 प्रतिशत घटकर 438.67 करोड़ रुपए रह गया जबकि म्यूचुअल फंड वितरण से कमीशन 13.14 प्रतिशत घटकर 163.41 करोड़ रुपए रहा। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का बीमा कमीशन 10.77 प्रतिशत घटकर 475.45 करोड़ रुपए रहा। हालांकि, म्यूचुअल फंड वितरण से कमीशन आय 7.93 प्रतिशत बढ़कर 29.66 करोड़ रुपए हो गई। मध्यम आकार के सरकारी बैंकों में इंडियन बैंक का बीमा कमीशन 8.21 प्रतिशत बढ़कर 190.65 करोड़ रुपए हो गया। म्यूचुअल फंड वितरण से कमीशन 7.73 प्रतिशत बढ़कर 4.74 करोड़ रुपए रहा।

यूको बैंक का बीमा कमीशन 6.53 प्रतिशत बढ़कर 66.08 करोड़ रुपए हो गया। वहीं, म्यूचुअल फंड वितरण से कमीशन 42.04 प्रतिशत की तेज वृद्धि के साथ 2.23 करोड़ रुपए रहा। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का बीमा कमीशन वित्त वर्ष 2025-26 में 13.57 प्रतिशत बढ़कर 160.90 करोड़ रुपए रहा। छोटे सरकारी बैंकों में पंजाब एंड सिंध बैंक ने बेहतर प्रदर्शन किया और उसका बीमा कमीशन 17.92 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 31.98 करोड़ रुपए रहा। 
 

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