मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव तो $120 तक पहुंच सकता है कच्चा तेल, गोल्डमैन सैक्स का अनुमान

Edited By Updated: 07 Sep, 2026 12:25 PM

crude oil could reach 120 if tensions in the middle east escalate

वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव और शिपिंग रूट पर हमलों के बीच कच्चे तेल की कीमतों को लेकर बड़ा अनुमान सामने आया है। गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक, अगर मिडिल ईस्ट में जहाजों पर हमले बढ़ते हैं और तेल की सप्लाई प्रभावित होती है, तो कच्चे तेल की कीमत 120

नई दिल्ली: वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव और शिपिंग रूट पर हमलों के बीच कच्चे तेल की कीमतों को लेकर बड़ा अनुमान सामने आया है। गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक, अगर मिडिल ईस्ट में जहाजों पर हमले बढ़ते हैं और तेल की सप्लाई प्रभावित होती है, तो कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है।

शिपिंग में रुकावट बनी सबसे बड़ी चिंता

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, गोल्डमैन सैक्स के ग्लोबल कमोडिटीज रिसर्च के को-हेड डान स्ट्रूवेन ने कहा कि हाल की घटनाओं से शिपिंग में व्यवधान का खतरा बढ़ता दिखाई दे रहा है। अगर यह स्थिति और गंभीर होती है तो इसका सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। बैंक का मानना है कि मौजूदा हालात में सिर्फ क्रूड ही नहीं, बल्कि नेचुरल गैस और रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, खासकर डीजल, में भी तेजी देखने को मिल सकती है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव से बढ़ी चिंता

अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर जारी गतिरोध ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। हालिया घटनाक्रम में ईरानी टैंकरों और इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को लेकर तनाव बढ़ा है। होर्मुज क्षेत्र वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां किसी भी बड़े व्यवधान से अंतरराष्ट्रीय सप्लाई पर असर पड़ सकता है। इसी आशंका के चलते क्रूड ऑयल की कीमतें हाल के महीनों के ऊंचे स्तरों तक पहुंच गई हैं।

120 डॉलर के साथ 80 डॉलर का भी अनुमान

गोल्डमैन सैक्स ने जहां गंभीर सप्लाई शॉक की स्थिति में 120 डॉलर प्रति बैरल का अपसाइड अनुमान दिया है, वहीं सामान्य स्थिति में कीमतों के लिए कम स्तर का अनुमान भी रखा है। डान स्ट्रूवेन के मुताबिक, अगर मिडिल ईस्ट से तेल का निर्यात सामान्य तरीके से जारी रहता है और सप्लाई में कोई बड़ा व्यवधान नहीं आता, तो क्रूड की कीमत करीब 80 डॉलर प्रति बैरल रह सकती है। वहीं, हालिया कारोबार में ब्रेंट क्रूड करीब 97 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा।

डीजल और नेचुरल गैस में ज्यादा तेजी का खतरा

गोल्डमैन सैक्स का आकलन है कि मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव का असर क्रूड की तुलना में नेचुरल गैस और रिफाइंड ऑयल प्रोडक्ट्स पर ज्यादा पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, सप्लाई शॉक इन बाजारों में अधिक बड़ा हो सकता है। डीजल की कीमतों में इस साल पहले ही तेज उछाल देखने को मिला है। ऐसे में शिपिंग बाधित होने पर रिफाइंड फ्यूल की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है।

चीन बन सकता है तेल बाजार के लिए बैलेंसिंग फैक्टर

गोल्डमैन सैक्स के मुताबिक, चीन आने वाले समय में क्रूड ऑयल बाजार को कुछ हद तक स्थिर रखने वाली ताकत बन सकता है। अगर तेल की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं तो चीन अपने आयात को कम कर सकता है, जिससे मांग पर दबाव आएगा और कीमतों में तेजी सीमित हो सकती है। हालांकि, नेचुरल गैस और दूसरे रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के बाजार में चीन की भूमिका इस तरह की नहीं है।
 

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