PF खाताधारकों के लिए बड़ी खबर, EPFO ने ₹25,000 सैलरी लिमिट बढ़ाने की योजना टाली

Edited By Updated: 14 Jul, 2026 02:41 PM

epfo  has deferred the plan to raise the salary limit to 25 000

कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) के तहत पेंशन कवरेज के लिए वेतन सीमा बढ़ाने की योजना फिलहाल टाल दी है। सरकार ने यह फैसला कंपनियों पर बढ़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय बोझ को देखते हुए लिया है। मौजूदा प्रस्ताव के अनुसार, EPF के लिए वेतन सीमा को 15,000...

बिजनेस डेस्कः कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन (EPFO) के तहत पेंशन कवरेज के लिए वेतन सीमा बढ़ाने की योजना फिलहाल टाल दी है। सरकार ने यह फैसला कंपनियों पर बढ़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय बोझ को देखते हुए लिया है। मौजूदा प्रस्ताव के अनुसार, EPF के लिए वेतन सीमा को 15,000 रुपए से बढ़ाकर 25,000 रुपए प्रति माह करने पर विचार किया जा रहा था।

अगर यह सीमा बढ़ाई जाती है तो कर्मचारियों और नियोक्ताओं का अनिवार्य योगदान भी बढ़ जाएगा। वर्तमान नियमों के तहत कर्मचारी और कंपनी दोनों को कर्मचारी के बेसिक वेतन का 12-12 प्रतिशत EPFO में जमा करना होता है। 25,000 रुपए की सीमा लागू होने पर दोनों का मासिक योगदान करीब 3,000 रुपए तक पहुंच सकता है।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, नई लेबर कोड (Labour Codes) लागू होने के कारण कंपनियों की वैधानिक देनदारियों (Statutory Liabilities) में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि सरकार फिलहाल कंपनियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डालना चाहती। वेतन सीमा बढ़ाई जाएगी लेकिन उससे पहले सभी स्‍टैकहोल्‍डर्स से विचार-विमर्श किया जाएगा।

2014 में हुआ था आखिरी बदलाव

फिलहाल EPFO के तहत वेतन सीमा 15,000 रुपए प्रति माह है। इसमें आखिरी संशोधन साल 2014 में किया गया था। इसी सीमा के आधार पर कर्मचारियों का EPF और EPS में अनिवार्य योगदान तय होता है।

मौजूदा व्यवस्था में कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी का 12 प्रतिशत EPF खाते में जमा करता है। वहीं, कंपनी के 12 प्रतिशत योगदान में से 8.33 प्रतिशत कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और 3.67 प्रतिशत EPF खाते में जाता है।

वर्तमान 15,000 रुपए की वेतन सीमा के तहत कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का अधिकतम अनिवार्य योगदान 1,800 रुपए प्रति माह है। वेतन सीमा बढ़ने के बाद यह राशि बढ़ सकती है लेकिन सरकार ने फिलहाल इस प्रस्ताव को आगे की समीक्षा तक रोक दिया है।

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