Edited By jyoti choudhary,Updated: 16 Jul, 2026 11:32 AM

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपनी नई में सेंट्रलाइज्ड आईटी इनेबल्ड सर्विसेज (CITES 2.01) प्रणाली लागू करने के बाद क्लेम प्रोसेसिंग में बड़ा सुधार दर्ज किया है। नई तकनीक की मदद से EPFO ने एक ही दिन में करीब 11 लाख क्लेम प्रोसेस किए, जिनकी कुल...
बिजनेस डेस्कः कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपनी नई में सेंट्रलाइज्ड आईटी इनेबल्ड सर्विसेज (CITES 2.01) प्रणाली लागू करने के बाद क्लेम प्रोसेसिंग में बड़ा सुधार दर्ज किया है। नई तकनीक की मदद से EPFO ने एक ही दिन में करीब 11 लाख क्लेम प्रोसेस किए, जिनकी कुल राशि लगभग 3,000 करोड़ रुपए रही। इससे लंबे समय से पेंडिंग मामलों के निपटारे में भी तेजी आई है।
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83% क्लेम अब ऑटो-प्रोसेस
EPFO के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, 3 जुलाई 2026 से लागू CITES 2.01 और नए नियमों के बाद अब 83% क्लेम ऑटो-प्रोसेस हो रहे हैं। इससे पहले यह आंकड़ा करीब 70% था। नई व्यवस्था के तहत शिक्षा और इलाज जैसे कारणों के लिए आंशिक निकासी के दावों का निपटारा कई मामलों में एक ही दिन में किया जा सकता है।
CITES 2.01 से क्या होगा फायदा?
नए सेंट्रलाइज्ड आर्किटेक्चर में बदलाव के कारण 24 जून से सिस्टम के लाइव होने तक कामकाज रुका हुआ था। अधिकारियों का कहना है कि बाकी बचे 6-7 लाख लंबित मामलों के भी इस हफ्ते के अंत तक क्लियर होने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था के तहत अब पूरे देश में किसी भी स्थान से सर्विस रिक्वेस्ट प्रोसेस किया जा सकता है। साथ ही आसान नियमों और सेंट्रलाइज्ड डेटाबेस की वजह से मेंबर्स को यह पता चल सकता है कि वे अपने अकाउंट से कितनी रकम निकाल सकते हैं।
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ब्याज जमा करने की प्रक्रिया भी हुई तेज
CITES 2.01 के लागू होने के बाद EPFO ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए घोषित 8.25% ब्याज को लगभग 34 करोड़ सदस्य खातों में 15 जुलाई तक जमा कर दिया है। संगठन का मानना है कि बढ़ते ऑटोमेशन से कर्मचारियों का समय बचेगा, जिससे वे पेंशन और अन्य लंबित मामलों के निपटारे पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।