Goldman Sachs की चेतावनी, कच्चे तेल की कीमतों में आएगा तेज उछाल

Edited By Updated: 27 Apr, 2026 06:25 PM

goldman sachs forecasts sharp surge in crude oil prices

वैश्विक ऊर्जा बाजार पर फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। अमेरिकी इन्वेस्टमेंट बैंक Goldman Sachs ने अपनी ताजा रिपोर्ट में चेतावनी देते हुए कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेज उछाल आने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव...

बिजनेस डेस्कः वैश्विक ऊर्जा बाजार पर फिर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। अमेरिकी इन्वेस्टमेंट बैंक Goldman Sachs ने अपनी ताजा रिपोर्ट में चेतावनी देते हुए कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेज उछाल आने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और सप्लाई चेन में बाधाओं के कारण 2026 की चौथी तिमाही के लिए तेल कीमतों के अनुमान को बढ़ा दिया गया है।

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सप्लाई में भारी कमी

रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्रीय अस्थिरता के चलते करीब 14.5 मिलियन बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल की आपूर्ति वैश्विक बाजार से बाहर हो गई है। इससे मांग और आपूर्ति का संतुलन बिगड़ गया है। अप्रैल महीने में ही वैश्विक तेल भंडार में 11–12 मिलियन बैरल प्रतिदिन की कमी दर्ज की गई।

कीमतों का नया अनुमान

Goldman Sachs ने 2026 की चौथी तिमाही के लिए के लिए कच्चे तेल की औसत कीमतों के अनुमान में फिर एक बार बढ़ोतरी की है। बैंक का कहना है कि इस साल के अक्टूबर से दिसंबर अवधि में ब्रेंट क्रूड की कीमत औसत 90 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 83 डॉलर प्रति बैरल रह सकता है। इससे पहले ये अनुमान क्रमशः 80 डॉलर और 75 डॉलर प्रति बैरल था।

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बाजार संतुलन में बदलाव

रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में जहां तेल बाजार में 1.8 मिलियन बैरल प्रतिदिन का अधिशेष था, वहीं 2026 की दूसरी तिमाही में यह 9.6 मिलियन बैरल प्रतिदिन के घाटे में बदल गया है। हालांकि, 2026 में कुल तेल मांग में हल्की गिरावट की भी संभावना जताई गई है।

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