Edited By jyoti choudhary,Updated: 14 Apr, 2026 03:55 PM

वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और बाजार की अनिश्चितता के बीच निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ा है। इसका सीधा फायदा गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) को मिला है, जहां जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में रिकॉर्ड निवेश दर्ज किया गया।
बिजनेस डेस्कः वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और बाजार की अनिश्चितता के बीच निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ा है। इसका सीधा फायदा गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) को मिला है, जहां जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में रिकॉर्ड निवेश दर्ज किया गया।
Association of Mutual Funds in India (एम्फी) के आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान गोल्ड ETF में ₹31,561 करोड़ का निवेश हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹5,654 करोड़ के मुकाबले करीब छह गुना अधिक है।
तिमाही आधार पर भी तेजी बरकरार
तिमाही आधार पर निवेश प्रवाह में 36% की वृद्धि दर्ज की गई, जो बढ़कर ₹23,132 करोड़ हो गया। हालांकि, मार्च महीने में निवेश की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी।
- जनवरी: ₹24,040 करोड़
- फरवरी: ₹5,255 करोड़
- मार्च: ₹2,266 करोड़
विशेषज्ञों के अनुसार, मार्च में आई यह नरमी शुरुआती महीनों में भारी निवेश के बाद सामान्यीकरण का संकेत है।
निवेशकों को क्यों भा रहा सोना?
Morningstar Investment Research India की वरिष्ठ विश्लेषक नेहल मेश्राम के अनुसार, “जनवरी में निवेश में असामान्य तेजी की वजह जोखिम से बचने की प्रवृत्ति, पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग और सोने की कीमतों में उछाल रही। मार्च में कुछ कमी के बावजूद निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है, जो बताती है कि अनिश्चित माहौल में सोना एक भरोसेमंद विविधीकरण विकल्प बना हुआ है।”
AUM में तीन गुना उछाल
- मजबूत निवेश प्रवाह का असर परिसंपत्ति आधार पर भी दिखा है।
- मार्च 2026 के अंत तक गोल्ड ETF का AUM बढ़कर ₹1.71 लाख करोड़ हो गया
- एक साल पहले यह ₹58,888 करोड़ था यानी कुल एसेट बेस में लगभग तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई।
क्या होता है गोल्ड ETF?
गोल्ड ETF ऐसे फंड होते हैं जो भौतिक सोने की कीमत को ट्रैक करते हैं।
- इनकी यूनिट डीमैट या कागजी रूप में होती है
- 1 यूनिट = 1 ग्राम सोना
- उच्च शुद्धता वाले सोने से समर्थित