Edited By jyoti choudhary,Updated: 21 Apr, 2026 05:20 PM

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) ने अपनी खदानों के विस्तार के लिए अगले पांच वर्ष में 7,188.90 करोड़ रुपए के पूंजीगत व्यय की योजना बनाई है। कंपनी चालू वित्त वर्ष में 450.51 करोड़ रुपए का पूंजीगत व्यय की योजना बना रही है।...
नई दिल्लीः सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) ने अपनी खदानों के विस्तार के लिए अगले पांच वर्ष में 7,188.90 करोड़ रुपए के पूंजीगत व्यय की योजना बनाई है। कंपनी चालू वित्त वर्ष में 450.51 करोड़ रुपए का पूंजीगत व्यय की योजना बना रही है। इसके बाद 2027 में 1,421.73 करोड़ रुपए, 2028 में 1,993.70 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। साथ ही 2029 में 2,227.18 करोड़ रुपए और 2030 में 1,095.48 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
एचसीएल के 'कॉरपोरेट प्लान-विजन 2030' के अनुसार कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने का भी लक्ष्य रख रही है। कुल अयस्क उत्पादन 2025-26 में 42.1 लाख टन प्रति वर्ष से बढ़कर 2029-30 तक 1.22 करोड़ टन सालाना होने का अनुमान है। यह योजना कंपनी को विकास एवं परिवर्तन के अगले चरण में ले जाने के लिए तैयार की गई व्यापक रूपरेखा है। एचसीएल को उम्मीद है कि उसका कर पश्चात लाभ (पीएटी) 2026 में 589 करोड़ रुपए से बढ़कर 2030 तक 1,568 करोड़ रुपए हो जाएगा। कंपनी ने कहा कि इसी अवधि में आय वृद्धि के अनुरूप लाभांश भुगतान में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
एचसीएल ने अपना 'आईटी विजन दस्तावेज 2026-2030' भी जारी किया जो एक डिजिटल रूप से एकीकृत एवं भविष्य के लिए तैयार संगठन की नींव रखता है। कंपनी ने कहा, '' यह पांच वर्षीय रूपरेखा एचसीएल को एक सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार तांबा उद्यम के रूप में स्थापित करने के लिए रणनीतिक डिजिटल बदलाव की रूपरेखा प्रस्तुत करता है। इसमें 2026–2030 कार्यान्वयन योजना के तहत सभी खदानों तथा संयंत्रों में संचालन को एकीकृत करने तथा सुरक्षा और दक्षता बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।''
इस योजना में शामिल प्रमुख पहलों में हाइब्रिड भूमिगत संचार प्रणाली, सभी एचसीएल इकाइयों में मल्टीप्रोटोकॉल लेबल स्विचिंग (एमपीएलएस) और हाई-स्पीड इंटरनेट लीज्ड लाइन लिंक के साथ कोर नेटवर्क संपर्क को अद्यतन करना और एक नए एकीकृत 'कमांड एंड कंट्रोल सेंटर' के माध्यम से एक एकीकृत डिजिटल बुनियादी ढांचे का निर्माण करना शामिल है।