Edited By jyoti choudhary,Updated: 16 May, 2026 06:22 PM

देश के आठ प्रमुख शहरों में इस साल जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान मकानों की बिक्री सालाना आधार पर दो प्रतिशत घटकर करीब 96 हजार इकाई रह गई। रियल एस्टेट क्षेत्र की परामर्श कंपनी प्रॉपटाइगर की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। रिपोर्ट में कहा गया कि मांग में...
नई दिल्लीः देश के आठ प्रमुख शहरों में इस साल जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान मकानों की बिक्री सालाना आधार पर दो प्रतिशत घटकर करीब 96 हजार इकाई रह गई। रियल एस्टेट क्षेत्र की परामर्श कंपनी प्रॉपटाइगर की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। रिपोर्ट में कहा गया कि मांग में नरमी और सस्ते घरों की नई आपूर्ति कम रहने से बिक्री प्रभावित हुई है। प्रॉपटाइगर ने शनिवार को 'रियल इनसाइट-रेजिडेंशियल क्यू1 2026' रिपोर्ट जारी की। इसमें अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई महानगर क्षेत्र और पुणे के आवास बाजार का विश्लेषण किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, इन आठ शहरों में जनवरी-मार्च 2026 के दौरान आवासीय संपत्तियों की बिक्री घटकर 95,973 इकाई रह गई, जो एक साल पहले की समान अवधि में 98,095 इकाई थी। इस दौरान मकानों की नई आपूर्ति भी 93,065 इकाई पर लगभग स्थिर रही, जो पिछले साल की पहली तिमाही में 93,144 इकाई थी।
प्रॉपटाइगर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) प्रकाश तेजवानी ने कहा, "भारतीय आवास बाजार अब अधिक संतुलित और व्यवस्थित दौर में पहुंच चुका है। अब बाजार की वृद्धि सट्टेबाजी के बजाय वास्तविक मांग, नियंत्रित भंडार और खरीदारों के भरोसे के आधार पर हो रही है।" शहरों में बेंगलुरु सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला बाजार रहा। वहां जनवरी-मार्च के दौरान मकानों की बिक्री 33 प्रतिशत बढ़कर 15,603 इकाई हो गई, जो एक साल पहले समान अवधि में 11,731 इकाई थी।
चेन्नई में बिक्री बढ़कर 6,841 इकाई हो गई, जो पहले 4,774 इकाई थी। हैदराबाद में भी बिक्री 25 प्रतिशत बढ़कर 13,297 इकाई रही, जबकि पिछले वर्ष यह 10,647 इकाई थी। दिल्ली-एनसीआर में आवासीय संपत्तियों की बिक्री 11 प्रतिशत बढ़कर 9,447 इकाई हो गई। हालांकि मुंबई महानगर क्षेत्र में बिक्री 15 प्रतिशत घटकर 26,116 इकाई रह गई, जो पहले 30,705 इकाई थी। पुणे में बिक्री 21 प्रतिशत घटकर 13,565 इकाई और कोलकाता में 24 प्रतिशत घटकर 2,883 इकाई रह गई।
अहमदाबाद में भी इस साल जनवरी-मार्च अवधि के दौरान मकानों की बिक्री 23 प्रतिशत घटकर 8,221 इकाई रह गई, जो पिछले वर्ष समान अवधि में 10,730 इकाई थी। प्रॉपटाइगर ने कहा कि सभी आठ प्रमुख शहरों में मकानों की कीमतों में सालाना आधार पर बढ़ोतरी दर्ज की गई। बिना बिके मकानों की संख्या भी संतुलित स्तर पर बनी रही।