विनिर्माण क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से फरवरी में औद्योगिक उत्पादन 5.2% बढ़ा

Edited By Updated: 30 Mar, 2026 05:40 PM

industrial production rises 5 2 in february driven strong performance

देश का औद्योगिक उत्पादन विनिर्माण क्षेत्र में सुधार से फरवरी में 5.2 प्रतिशत बढ़ा। सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आधार पर मापा जाने वाला कारखाना उत्पादन फरवरी, 2025 में 2.7 प्रतिशत बढ़ा था।...

नई दिल्लीः देश का औद्योगिक उत्पादन विनिर्माण क्षेत्र में सुधार से फरवरी में 5.2 प्रतिशत बढ़ा। सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) के आधार पर मापा जाने वाला कारखाना उत्पादन फरवरी, 2025 में 2.7 प्रतिशत बढ़ा था। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने जनवरी, 2026 के लिए औद्योगिक उत्पादन वृद्धि के अनुमान को पहले जारी 4.8 प्रतिशत के अस्थायी अनुमान से बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया है।

एनएसओ के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी, 2026 में विनिर्माण क्षेत्र की उत्पादन वृद्धि तेज होकर छह प्रतिशत हो गई जबकि एक वर्ष पहले इसी महीने में यह 2.8 प्रतिशत थी। खनन क्षेत्र की वृद्धि भी थोड़ा सुधरकर 3.1 प्रतिशत हो गई जबकि फरवरी, 2025 में यह 1.6 प्रतिशत थी। बिजली उत्पादन फरवरी में 2.3 प्रतिशत बढ़ा जबकि पिछले वर्ष इसी महीने यह 3.6 प्रतिशत बढ़ा था। वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल से फरवरी अवधि के दौरान देश के औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 4.1 प्रतिशत पर स्थिर रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के बराबर है। 

विनिर्माण क्षेत्र के भीतर 23 उद्योग समूहों में से 14 ने फरवरी, 2026 में एक वर्ष पहले की तुलना में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की। फरवरी, 2026 के लिए शीर्ष तीन सकारात्मक योगदानकर्ता में बुनियादी धातुओं का विनिर्माण (13.2 प्रतिशत), मोटर वाहन, ट्रेलर एवं सेमी-ट्रेलर का विनिर्माण (14.9 प्रतिशत) और मशीनरी एवं उपकरणों का विनिर्माण (10.2 प्रतिशत) क्षेत्र शामिल हैं। उपयोग-आधारित वर्गीकरण के अनुसार, फरवरी, 2026 में फरवरी, 2025 की तुलना में आईआईपी की वृद्धि दर प्राथमिक वस्तुओं में 1.8 प्रतिशत, पूंजीगत वस्तुओं में 12.5 प्रतिशत, मध्यवर्ती वस्तुओं में 7.7 प्रतिशत, अवसंरचना/निर्माण वस्तुओं में 11.2 प्रतिशत, टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं में 7.3 प्रतिशत रही जबकि उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं में 0.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। 

बुनियादी धातुओं (बेसिक मेटल) के विनिर्माण समूह में एमएस स्लैब, अलॉय स्टील के फ्लैट उत्पाद और स्टील के पाइप व ट्यूब जैसे उत्पादों ने वृद्धि ने अहम योगदान दिया। रेटिंग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, ''इक्रा का अनुमान है कि पश्चिम एशिया संकट के कुछ विनिर्माण क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव..कीमतों और उपलब्धता दोनों के माध्यम से...तथा महीने में बिजली क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन के कारण मार्च, 2026 में आईआईपी वृद्धि घटकर तीन से चार प्रतिशत रह सकती है।'' 
 

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!