Edited By jyoti choudhary,Updated: 16 May, 2026 05:14 PM

पेट्रोल-डीजल और दूध की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी का असर अब आम लोगों की जेब पर और ज्यादा पड़ सकता है। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि इन दोनों क्षेत्रों में हुई मूल्य वृद्धि से आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) में लगभग 0.42...
बिजनेस डेस्कः पेट्रोल-डीजल और दूध की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी का असर अब आम लोगों की जेब पर और ज्यादा पड़ सकता है। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि इन दोनों क्षेत्रों में हुई मूल्य वृद्धि से आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) में लगभग 0.42 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक पेट्रोल और डीजल महंगे होने से परिवहन, लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी, जिसका असर रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर दिखाई देगा। वहीं दूध के दाम बढ़ने से डेयरी उत्पादों और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में भी इजाफा होने की आशंका है।
DBS बैंक की वरिष्ठ अर्थशास्त्री राधिका राव ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3 से 5 प्रतिशत तक की वृद्धि से खुदरा महंगाई में 0.15 से 0.25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं SBI के अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मई-जून 2026 के दौरान महंगाई पर इसका तत्काल प्रभाव 15 से 20 बेसिस पॉइंट तक दिखाई दे सकता है।
इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च की निदेशक मेघा अरोड़ा के अनुसार, ईंधन और दूध की कीमतों में संयुक्त बढ़ोतरी से महंगाई में लगभग 0.42 प्रतिशत तक का इजाफा संभव है। उन्होंने कहा कि परिवहन और ईंधन आधारित उद्योगों के जरिए इसका वास्तविक असर और अधिक हो सकता है।