रुपए में गिरावट जारी रही तो ईंधन मूल्य वृद्धि का लाभ खत्म हो जाएगाः  SBI रिपोर्ट

Edited By Updated: 16 May, 2026 12:21 PM

if the rupee s decline continues gains from fuel price hikes will be wiped out

रुपए में यदि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले और भी गिरावट होती है तो तेल विपणन कंपनियों को वाहन ईंधन कीमतों में की गई बढ़ोतरी से मिलने वाला पूरा लाभ खत्म हो सकता है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के आर्थिक अनुसंधान विभाग ने यह कहा। 'एसबीआई

नई दिल्लीः रुपए में यदि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले और भी गिरावट होती है तो तेल विपणन कंपनियों को वाहन ईंधन कीमतों में की गई बढ़ोतरी से मिलने वाला पूरा लाभ खत्म हो सकता है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के आर्थिक अनुसंधान विभाग ने यह कहा। 'एसबीआई इकोरैप' रिपोर्ट के मुताबिक, ईंधन कीमतों में यह बढ़ोतरी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को खुदरा बिक्री पर लागत के मुकाबले हो रहे नुकसान (अंडर-रिकवरी) में करीब 52,700 करोड़ रुपए की राहत दे सकती है, जो वित्त वर्ष 2026-27 में अपेक्षित कुल नुकसान का लगभग 15 प्रतिशत है। 

सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन-तीन रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। यह कदम पश्चिम एशिया संकट के बीच कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में आई तीव्र वृद्धि के बाद उठाया गया है। हालांकि रिपोर्ट कहती है कि रुपए में अगर आगे भी गिरावट का रुख बना रहता है तो कच्चे तेल के आयात की लागत बढ़ जाएगी, जिससे कीमत वृद्धि का पूरा लाभ समाप्त हो सकता है। एसबीआई इकोरैप के मुताबिक, यदि रुपए में मौजूदा औसत स्तर से केवल दो रुपए की और कमजोरी आती है, तो आयात लागत इतनी बढ़ जाएगी कि ईंधन मूल्य वृद्धि का लाभ पूरी तरह चला जाएगा। 

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रुपया पहले ही एक महत्वपूर्ण गिरावट स्तर के करीब पहुंच चुका है, जिसके बाद और कमजोरी घरेलू ईंधन कीमत संशोधन के लाभ को काफी हद तक खत्म कर सकती है। शुक्रवार को कारोबार के दौरान रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96 के स्तर से नीचे चला गया और अंत में 95.81 के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। एसबीआई रिपोर्ट में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के हवाले से कहा गया है कि तेल विपणन कंपनियों को प्रतिदिन लगभग 1,000 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है, जो सालाना करीब 3.6 लाख करोड़ रुपए बैठता है।

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