Edited By jyoti choudhary,Updated: 26 Mar, 2026 03:08 PM

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने एक और बड़ी चेतावनी जारी की है। ईरान ने कहा है कि अगर उसके दक्षिणी द्वीपों पर जमीनी हमले होते हैं, तो वह रणनीतिक समुद्री मार्गों पर नियंत्रण और सख्त कर सकता है। पहले से ही होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)...
बिजनेस डेस्कः मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने एक और बड़ी चेतावनी जारी की है। ईरान ने कहा है कि अगर उसके दक्षिणी द्वीपों पर जमीनी हमले होते हैं, तो वह रणनीतिक समुद्री मार्गों पर नियंत्रण और सख्त कर सकता है। पहले से ही होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर निगरानी बढ़ा चुका ईरान अब Bab al-Mandeb Strait को भी बाधित करने का संकेत दे रहा है। इस कदम से वैश्विक तेल और गैस सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है। ईरान का कहना है कि यमन का हूती संगठन (अंसारुल्लाह) उसके इशारे पर बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर कब्जा कर सकते हैं।
अगर यह कदम उठाया जाता है, तो पूरी दुनिया की ऑयल और गैस सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है। इससे कई देशों के सामने ऊर्जा संकट खड़ा हो सकता है।
दो अहम समुद्री रास्तों पर खतरा
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का करीब 20% तेल और गैस गुजरता है, जबकि बाब-अल-मंदेब मार्ग से लगभग 12% वैश्विक ऊर्जा सप्लाई होती है। अगर दोनों रास्ते प्रभावित होते हैं, तो दुनिया की करीब 30% ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ सकता है, जिससे कई देशों के सामने ऊर्जा संकट खड़ा हो सकता है।
बाब-अल-मंदेब क्यों है इतना अहम?
बाब-अल-मंदेब एक संकरा समुद्री मार्ग है, जो लाल सागर को अदन की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह यमन और अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र (जिबूती-इरिट्रिया) के बीच स्थित है और स्वेज नहर तक जाने वाले जहाजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रास्ता माना जाता है।
यदि यह मार्ग बंद होता है, तो जहाजों को दक्षिण अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप के रास्ते लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा, जिससे—
- डिलीवरी समय बढ़ेगा
- शिपिंग और बीमा लागत बढ़ेगी
- वैश्विक महंगाई और ऊर्जा कीमतों पर दबाव आएगा
हूती संगठन को लेकर बढ़ी चिंता
ईरान ने संकेत दिया है कि यमन का Houthi Movement (अंसारुल्लाह) इस मार्ग पर नियंत्रण स्थापित कर सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह समूह पहले से हाई अलर्ट पर है और जरूरत पड़ने पर बाब-अल-मंदेब क्षेत्र में कार्रवाई कर सकता है। इससे पहले भी हूती लड़ाके लाल सागर क्षेत्र में जहाजों को निशाना बना चुके हैं।
अमेरिका-इजरायल का दबाव, ईरान का सख्त रुख
United States और Israel ने संकेत दिए हैं कि अगर ईरान युद्धविराम की शर्तें नहीं मानता, तो सैन्य कार्रवाई तेज की जा सकती है। इसके जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि किसी भी जमीनी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा।