Edited By jyoti choudhary,Updated: 24 Sep, 2026 12:43 PM

फिक्स्ड डिपॉजिट(FD) में निवेश करने वाले ग्राहकों के लिए एक अहम बदलाव होने जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से बैंक FD से जुड़े कुछ नियमों में संशोधन किया गया है, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे। नए नियमों का उद्देश्य FD की ब्याज दरों को
नई दिल्लीः फिक्स्ड डिपॉजिट(FD) में निवेश करने वाले ग्राहकों के लिए एक अहम बदलाव होने जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से बैंक FD से जुड़े कुछ नियमों में संशोधन किया गया है, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे। नए नियमों का उद्देश्य FD की ब्याज दरों को लेकर पारदर्शिता बढ़ाना और ग्राहकों को सही जानकारी आसानी से उपलब्ध कराना है।
सभी ब्रांच में एक समान होगी FD की दर
नए नियमों के तहत किसी बैंक की अलग-अलग शाखाओं में समान अवधि वाली FD के लिए लागू ब्याज दर एक जैसी होनी चाहिए यानी किसी शहर या स्थान के आधार पर एक ही बैंक की समान अवधि वाली FD की ब्याज दर अलग-अलग नहीं होगी।
इसके साथ ही बैंकों को FD पर लागू ब्याज दरों की जानकारी ग्राहकों को पहले से उपलब्ध करानी होगी। बैंक को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर संबंधित FD योजनाओं और उनकी ब्याज दरों को सार्वजनिक करना होगा।
बल्क FD की दरें भी वेबसाइट पर होंगी अपडेट
3 करोड़ रुपए या उससे अधिक की जमा राशि वाली FD को बल्क डिपॉजिट की श्रेणी में रखा जाता है। नए नियमों के तहत बैंकों को बल्क डिपॉजिट की ब्याज दरें भी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट करनी होंगी।
इन दरों को रोजाना सुबह 10 बजे तक अपडेट किया जाना होगा। इसके लिए 10 मिनट का ग्रेस पीरियड भी दिया गया है और अधिकतम सुबह 10:10 बजे तक नई दरें वेबसाइट पर उपलब्ध करानी होंगी।
मौजूदा FD पर क्या होगा असर?
1 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले इन बदलावों का पहले से चल रही FD पर तत्काल कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। मौजूदा FD अपनी तय अवधि, ब्याज दर और लागू शर्तों के अनुसार ही जारी रहेगी। नए नियम मुख्य रूप से FD की ब्याज दरों को सार्वजनिक करने और ग्राहकों के लिए जानकारी को अधिक पारदर्शी बनाने से जुड़े हैं।
ग्राहकों को क्या फायदा होगा?
नए नियम लागू होने के बाद ग्राहकों को FD की ब्याज दर जानने के लिए बार-बार बैंक शाखा जाने की जरूरत नहीं होगी। बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर ब्याज दरों की जानकारी उपलब्ध रहेगी।
खासकर बड़ी रकम वाली बल्क FD के मामले में ग्राहक रोजाना अपडेट होने वाली ब्याज दर ऑनलाइन देख सकेंगे। इससे बैंक और ग्राहक के बीच जानकारी की पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।