Edited By jyoti choudhary,Updated: 15 Sep, 2026 11:20 AM

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अक्टूबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अगर रेट हाइक साइकिल शुरू होती है तो यह सीमित रह सकती है। RBI का व्यापक फोकस घरेलू लिक्विडिटी और विदेशी मुद्रा (FX) प्रबंधन पर बने
नई दिल्लीः भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अक्टूबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अगर रेट हाइक साइकिल शुरू होती है तो यह सीमित रह सकती है। RBI का व्यापक फोकस घरेलू लिक्विडिटी और विदेशी मुद्रा (FX) प्रबंधन पर बने रहने की संभावना है। यह अनुमान एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज (Emkay Global Financial Services) की एक रिपोर्ट में लगाया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू और वैश्विक मैक्रोइकोनॉमिक परिस्थितियों में हालिया बदलावों से अक्टूबर में होने वाली RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में ब्याज दर बढ़ाने की संभावना बढ़ गई है।
तीन प्रमुख वजहों से बढ़ी रेट हाइक की संभावना
रिपोर्ट में बदलते ब्याज दर परिदृश्य के पीछे तीन प्रमुख घटनाक्रमों का जिक्र किया गया है। इनमें FCNR (Foreign Currency Non-Resident) जमा में मजबूत बढ़ोतरी, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक स्तर पर मौद्रिक नीति के सख्त होने के संकेत शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, FCNR इनफ्लो करीब 136 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो अनुमान से काफी अधिक है। इससे भारतीय बैंकिंग सिस्टम में अतिरिक्त लिक्विडिटी बढ़ी है। दूसरी ओर, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण Brent क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। रिपोर्ट के समय Brent क्रूड करीब 107.06 डॉलर प्रति बैरल, जबकि क्रूड ऑयल करीब 102.92 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
ग्लोबल स्तर पर भी बढ़ रहा रेट हाइक का दबाव
रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक मौद्रिक नीति एक नए, हालांकि सीमित, सख्ती के दौर में प्रवेश करती दिख रही है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) ने पिछले सप्ताह ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है, जबकि बैंक ऑफ जापान (BoJ) और अमेरिकी फेडरल रिजर्व से भी दरें बढ़ाने की उम्मीद की जा रही है।
इस माहौल में RBI की अक्टूबर MPC बैठक महत्वपूर्ण हो गई है और पहले की तुलना में रेट हाइक की संभावना अब काफी अधिक मानी जा रही है।