Edited By jyoti choudhary,Updated: 12 Sep, 2026 12:05 PM

भारतीय रिजर्व बैंक ने तीन चरणों में खुले बाजार परिचालन (ओएमओ) के तहत एक लाख करोड़ रुपए की सरकारी प्रतिभूतियां बेचने की घोषणा की। पहला चरण 17 सितंबर को होगा। आरबीआई के अनुसार, पहले चरण में 17 सितंबर को 50,000 करोड़ रुपए और
मुंबईः भारतीय रिजर्व बैंक ने तीन चरणों में खुले बाजार परिचालन (ओएमओ) के तहत एक लाख करोड़ रुपए की सरकारी प्रतिभूतियां बेचने की घोषणा की। पहला चरण 17 सितंबर को होगा। आरबीआई के अनुसार, पहले चरण में 17 सितंबर को 50,000 करोड़ रुपए और उसके बाद 21 सितंबर तथा 28 सितंबर को 25,000-25,000 करोड़ रुपए की सरकारी प्रतिभूतियां बेची जाएंगी।
आरबीआई ने बयान में कहा, ''बैंकिंग प्रणाली में उपलब्ध धन की मौजूदा स्थिति और उसमें हो रहे बदलाव की समीक्षा के बाद रिजर्व बैंक ने तीन चरणों में कुल एक लाख करोड़ रुपए की सरकारी प्रतिभूतियां बेचने का फैसला किया है।'' पहली नीलामी में 2029, 2030, 2031 और 2032 में परिपक्व होने वाली सरकारी प्रतिभूतियां बेची जाएंगी। आरबीआई ने कहा कि नीलामी 17 सितंबर को सुबह साढ़े नौ बजे से साढ़े 10 बजे के बीच होगी। यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब विदेशी मुद्रा प्रवासी (बैंक) (एफसीएनआर-बी) जमा के जरिये विदेशी मुद्रा आने से बैंकों में उपलब्ध धन काफी बढ़ गया है।
अतिरिक्त धन को वापस लेने के लिए आरबीआई लगातार परिवर्तनीय दर रिवर्स रेपो (वीआरआरआर) नीलामी भी कर रहा है। बैंकों द्वारा एफसीएनआर (बी) जमा में बड़ी मात्रा में धन जुटाए जाने के बाद बैंकों में उपलब्ध नकदी में तेज वृद्धि हुई है।