Edited By jyoti choudhary,Updated: 13 Oct, 2026 12:17 PM

अमेरिकी किराना कंपनी क्रोगर अपने कामकाज में कृत्रिम मेधा (एआई) का इस्तेमाल बढ़ाने जा रही है। इसके तहत कंपनी अगले तीन वर्षों में करीब 3,000 कॉरपोरेट पदों में कटौती करने की योजना बना रही है। सूत्रों के अनुसार, क्रोगर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी
नई दिल्लीः अमेरिकी किराना कंपनी क्रोगर अपने कामकाज में कृत्रिम मेधा (एआई) का इस्तेमाल बढ़ाने जा रही है। इसके तहत कंपनी अगले तीन वर्षों में करीब 3,000 कॉरपोरेट पदों में कटौती करने की योजना बना रही है। सूत्रों के अनुसार, क्रोगर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ग्रेग फोरन ने कर्मचारियों को भेजे एक मेमो में यह जानकारी दी है।
फोरन ने मेमो में कहा कि कंपनी को दोहराए जाने वाले कामों से बचने और तकनीक के साथ बेहतर तालमेल बिठाने की जरूरत है। नौकरियों में कटौती से होने वाली बचत का इस्तेमाल उत्पादों की कीमतें कम करने और स्टोर में काम करने वाले कर्मचारियों पर निवेश बढ़ाने के लिए किया जाएगा। कंपनी आने वाले महीनों में इस योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा करेगी।
8,200 कॉरपोरेट कर्मचारियों पर पड़ेगा असर
क्रोगर में करीब 8,200 कॉरपोरेट कर्मचारी काम करते हैं। प्रस्तावित कटौती से इस कार्यबल का लगभग 37 प्रतिशत प्रभावित हो सकता है। कंपनी ने पिछले साल जून में भी करीब 1,000 कॉरपोरेट पदों को समाप्त किया था।
फोरन ने फरवरी में सीईओ का पद संभाला था। कंपनी का यह कदम ऐसे समय में आया है, जब कारोबारी लागत कम करने और कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कंपनियां एआई आधारित तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं।
AI शॉपिंग असिस्टेंट को बेहतर बनाने पर जोर
क्रोगर ने पिछले महीने अपनी एआई रणनीति का खुलासा किया था। इसके तहत कंपनी कामकाज को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए एआई मॉडल का इस्तेमाल करने और ग्राहकों के डेटा की मदद से एआई शॉपिंग असिस्टेंट जैसे डिजिटल टूल को बेहतर बनाने पर काम कर रही है।
कंपनी को उम्मीद है कि तकनीक के इस्तेमाल से परिचालन लागत घटाने, कामकाज की दक्षता बढ़ाने और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने में मदद मिलेगी।
वॉलमार्ट और एल्डी से मुकाबले की तैयारी
क्रोगर प्रतिस्पर्धी कंपनियों वॉलमार्ट और एल्डी के मुकाबले अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए उत्पादों की कीमतें कम करना चाहती है। कंपनी अपने तुलनीय स्टोरों की बिक्री वृद्धि के लक्ष्य में भी कटौती कर चुकी है।
पेट्रोल-डीजल की ऊंची कीमतों और बढ़ते घरेलू खर्चों के कारण ग्राहक खरीदारी में अधिक सावधानी बरत रहे हैं। ऐसे में क्रोगर का लक्ष्य लागत कम करके ग्राहकों को आकर्षित करना और बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत करना है।