Edited By jyoti choudhary,Updated: 08 Apr, 2026 01:58 PM

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि एचडीएफसी बैंक के पर्यवेक्षी निरीक्षण के दौरान उसके संचालन या तौर-तरीकों से संबंधित कोई समस्या नहीं पाई गई। मल्होत्रा ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन...
बिजनेस डेस्कः भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को कहा कि एचडीएफसी बैंक के पर्यवेक्षी निरीक्षण के दौरान उसके संचालन या तौर-तरीकों से संबंधित कोई समस्या नहीं पाई गई। मल्होत्रा ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे और उसके बाद बैंक के शेयर की कीमत में आई गिरावट से संबंधित एक सवाल के जवाब में कहा कि आरबीआई ने बैंक की बैठकों का विवरण भी देखा है और उसमें कोई भी महत्वपूर्ण चिंताजनक बात नहीं मिली।
उन्होंने कहा कि आरबीआई ने 19 मार्च को जारी बयान में भी कहा था कि बैंक के कामकाज के तौर-तरीकों या संचालन के संबंध में कोई भी महत्वपूर्ण चिंताजनक बात नहीं मिली। आरबीआई ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ''एचडीएफसी बैंक घरेलू स्तर पर प्रणाली के लिहाज से महत्वपूर्ण बैंक है। इसकी वित्तीय स्थिति मजबूत है, बोर्ड पेशेवर रूप से संचालित है और प्रबंधन टीम सक्षम है। हमारे समय-समय मूल्यांकन के आधार पर, इसके कामकाज के तौर-तरीकों या संचालन के संबंध में कोई भी महत्वपूर्ण चिंताजनक बात नहीं मिली है।'' चक्रवर्ती ने 18 मार्च को इस्तीफा दे दिया था।
मल्होत्रा ने यह भी कहा कि भारत की बैंकिंग प्रणाली 'बेहद सुरक्षित और मजबूत' है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच बैंकों के लाभ और 'सेहत' को लेकर कोई प्रणालीगत जोखिम नहीं है। एक सवाल के जवाब में, गवर्नर ने संकेत दिया कि कम ब्याज दर व्यवस्था लंबे समय तक जारी रह सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि रुपए की अस्थिरता को नियंत्रित करने के लिए आरबीआई द्वारा हाल ही में उठाए गए कदम हमेशा के लिए नहीं रहेंगे।