Edited By jyoti choudhary,Updated: 13 May, 2026 04:22 PM

वैश्विक ब्रोकरेज फर्म Morgan Stanley ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर बड़ा अनुमान जताया है। कंपनी के अनुसार, आने वाले एक साल में भारतीय बाजार मजबूत तेजी के दौर में प्रवेश कर सकता है और जून 2027 तक BSE Sensex 89,000 के स्तर तक पहुंच सकता है। यह मौजूदा...
बिजनेस डेस्कः वैश्विक ब्रोकरेज फर्म Morgan Stanley ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर बड़ा अनुमान जताया है। कंपनी के अनुसार, आने वाले एक साल में भारतीय बाजार मजबूत तेजी के दौर में प्रवेश कर सकता है और जून 2027 तक BSE Sensex 89,000 के स्तर तक पहुंच सकता है। यह मौजूदा स्तर से करीब 15 प्रतिशत अधिक है।
कमाई में सुधार से बाजार को मिलेगा सहारा
मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषक रिधम देसाई के मुताबिक भारतीय बाजार अब छह तिमाहियों की सुस्त कमाई से बाहर निकल रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आरबीआई की नीतियां, ब्याज दरों में संभावित कटौती, बैंकिंग सेक्टर में सुधार और बढ़ती लिक्विडिटी से कंपनियों की आय में तेजी आ सकती है।
किन सेक्टरों में दिख रही तेजी
रिपोर्ट के अनुसार ऊर्जा, रक्षा, सेमीकंडक्टर, उर्वरक और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश तेजी से बढ़ रहा है। इससे कॉरपोरेट कमाई और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
भारत की अर्थव्यवस्था पर मजबूत भरोसा
ब्रोकरेज का मानना है कि वैश्विक तनाव और महंगे कमोडिटी दामों के बावजूद भारत आने वाले वर्षों में लगभग 12 प्रतिशत की नॉमिनल ग्रोथ हासिल कर सकता है। रिपोर्ट में युवा आबादी, बढ़ती आय और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के विस्तार को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया गया है।
1 लाख तक पहुंच सकता है सेंसेक्स
मॉर्गन स्टेनली ने अपने बुल केस में संभावना जताई है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बनी रहती हैं और आर्थिक नीतियां सफल रहती हैं, तो जून 2027 तक सेंसेक्स 1 लाख अंक तक भी पहुंच सकता है। हालांकि कमजोर वैश्विक परिस्थितियों और महंगे तेल के चलते सेंसेक्स 66,000 तक गिरने का जोखिम भी बताया गया है।
इन सेक्टरों पर दांव
रिपोर्ट में फाइनेंशियल, कंज्यूमर और इंडस्ट्रियल सेक्टरों को सबसे मजबूत बताया गया है। वहीं ऊर्जा, मटेरियल और हेल्थकेयर सेक्टर पर अपेक्षाकृत कम भरोसा जताया गया है। आईटी सेक्टर को ‘डार्क हॉर्स’ बताते हुए कहा गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल से भारतीय आईटी कंपनियों को बड़ा फायदा मिल सकता है।