भारतीय शेयर बाजार पर Morgan Stanley का पॉजिटिव रुख, Sensex के लिए दिया दमदार टारगेट

Edited By Updated: 05 Sep, 2026 05:33 PM

morgan stanley takes a positive stance on the indian stock market

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर अपना रुख सकारात्मक किया है। फर्म का अनुमान है कि जून 2027 तक सेंसेक्स (Sensex) 89,000 के स्तर तक पहुंच सकता है। मौजूदा स्तरों से यह करीब 16 फीसदी की

मुंबईः ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर अपना रुख सकारात्मक किया है। फर्म का अनुमान है कि जून 2027 तक सेंसेक्स (Sensex) 89,000 के स्तर तक पहुंच सकता है। मौजूदा स्तरों से यह करीब 16 फीसदी की संभावित तेजी  को दर्शाता है।

ब्रोकरेज का कहना है कि भारत कई तिमाहियों तक चलने वाले ग्रोथ अपसाइकिल (तेजी के दौर) में प्रवेश कर रहा है और उनका मानना ​​है कि इक्विटी वैल्यूएशन में अभी तक इसका पूरा असर नहीं दिखा है।

बेस केस में 89,000 का लक्ष्य

मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट ‘ए लॉन्ग वे अप’ में भारत की इक्विटी रणनीति से जुड़े रिधम देसाई और नयन पारेख ने सैंसेक्स के लिए 89,000 अंक का आधार लक्ष्य तय किया है। इसके लिए सैंसेक्स का पिछला 12 महीने का मूल्य-आय अनुपात करीब 23.5 गुना माना गया है, जो 25 वर्षों के औसत 22 गुना से अधिक है। ब्रोकरेज ने इस परिदृश्य की संभावना 50 फीसदी बताई है।

तेजी में 1 लाख के पार जा सकता है सेंसेक्स 

Morgan Stanley ने बाजार के लिए बुल और बेयर दोनों परिदृश्य भी बताए हैं।

बुल केस में सेंसेक्स के 1,00,000 तक पहुंचने का अनुमान है। इस स्थिति की संभावना 25 फीसदी बताई गई है यानी मौजूदा स्तरों से करीब 31 फीसदी की तेजी संभव है।

इस परिदृश्य में कच्चे तेल की कीमतों के 75 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने और आर्थिक नीतियों से ग्रोथ को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इस स्थिति को हासिल करने के लिए FY26 से FY29 के बीच Sensex की कमाई में सालाना करीब 19 फीसदी की चक्रवृद्धि वृद्धि जरूरी होगी।

खराब स्थिति में 66,000 तक फिसल सकता है Sensex

वहीं, ब्रोकरेज ने बेयर केस में Sensex का लक्ष्य 66,000  रखा है। इसकी संभावना भी 25 फीसदी बताई गई है। यह मौजूदा स्तरों से करीब 14 फीसदी की गिरावट का संकेत देता है।

भारत की ग्रोथ पर Morgan Stanley को भरोसा

ब्रोकरेज का बेस केस भारत की मैक्रोइकोनॉमिक स्थिति में सुधार, निजी क्षेत्र के निवेश में संभावित तेजी और वास्तविक आर्थिक वृद्धि तथा वास्तविक ब्याज दरों के बीच अनुकूल अंतर पर आधारित है। Morgan Stanley को उम्मीद है कि स्थिर वैश्विक ग्रोथ और भारत में अपेक्षाकृत अनुकूल मौद्रिक नीति का माहौल शेयर बाजार को सपोर्ट करेगा।

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