Edited By jyoti choudhary,Updated: 01 Jul, 2026 03:27 PM

दुनिया की बड़ी कंज्यूमर गुड्स कंपनी नेस्ले अपने उत्पादों से आर्टिफिशियल फूड कलर हटाने की योजना बना रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी 2026 के अंत तक दुनियाभर में अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो से सिंथेटिक फूड कलरिंग को हटाने का लक्ष्य लेकर चल
बिजनेस डेस्कः दुनिया की बड़ी कंज्यूमर गुड्स कंपनी नेस्ले अपने उत्पादों से आर्टिफिशियल फूड कलर हटाने की योजना बना रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी 2026 के अंत तक दुनियाभर में अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो से सिंथेटिक फूड कलरिंग को हटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। अमेरिका में नेस्ले पहले ही अपने प्रोडक्ट्स से आर्टिफिशियल कलरिंग को हटा चुकी है।
कंपनी का यह कदम ग्राहकों की बढ़ती मांग को देखते हुए उठाया जा रहा है। लोग अब ज्यादा हेल्दी और आसान सामग्री वाले उत्पादों की ओर बढ़ रहे हैं। इसके अलावा, वजन घटाने वाली GLP-1 दवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के बीच फूड कंपनियों पर हेल्दी प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराने का दबाव भी बढ़ रहा है।
नेस्ले के टेक्नोलॉजी चीफ स्टीफन पाल्जर ने बताया कि कंपनी ने प्राकृतिक विकल्पों की खोज के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट में काफी निवेश किया है। कंपनी का लक्ष्य ऐसे प्रोडक्ट तैयार करना है जिनमें कम और सरल सामग्री का इस्तेमाल हो।
मैगी विवाद पर नेस्ले इंडिया ने दी सफाई
हाल ही में नेस्ले इंडिया ने मैगी नूडल्स में कीड़े मिलने के आरोपों को खारिज किया था। सोशल मीडिया पर वायरल शिकायतों के बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कंपनी से जवाब मांगा था। नेस्ले इंडिया ने कहा कि आंतरिक जांच और लैब टेस्ट में संबंधित बैच या बाजार से लिए गए सैंपल में किसी तरह की मिलावट या संक्रमण नहीं मिला। कंपनी ने जांच के दौरान मैन्युफैक्चरिंग रिकॉर्ड, क्वालिटी कंट्रोल डेटा और लैब रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई।
कंपनी ने यह भी बताया कि शिकायतकर्ता से संबंधित सैंपल अभी तक नहीं मिला है। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट के बाद यह मामला चर्चा में आया था।