EPFO New Rule: EPFO के नए नियम लागू, 51 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को मिल सकता है फायदा

Edited By Updated: 21 Sep, 2026 05:10 PM

new epfo  rules come into effect over 51 lakh employees could benefit

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े कर्मचारियों के लिए सितंबर 2026 में अहम बदलाव लागू हुआ है। सरकार ने EPFO की सैलरी लिमिट ₹15 हजार से बढ़ाकर ₹25 हजार कर दिया है। यह बदलाव 17 सितंबर 2026 से प्रभावी है। सरकार के अनुमान के मुताबिक, इससे 51 लाख...

नई दिल्लीः कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े कर्मचारियों के लिए सितंबर 2026 में अहम बदलाव लागू हुआ है। सरकार ने EPFO की सैलरी लिमिट ₹15 हजार से बढ़ाकर ₹25 हजार कर दिया है। यह बदलाव 17 सितंबर 2026 से प्रभावी है। सरकार के अनुमान के मुताबिक, इससे 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ सकते हैं।

इसका असर सिर्फ PF खाते तक लीमिट नहीं रहेगा, बल्कि पेंशन और EDLI बीमा कवरेज पर भी पड़ेगा। साथ ही EPFO की डिजिटल सर्विस को भी अपग्रेड किया जा रहा है, जिससे क्लेम और PF से जुड़े काम पहले की तुलना में आसान हो सकते हैं।

₹25,000 तक की वेज पर EPFO कवरेज

नई व्यवस्था के तहत जिन कर्मचारियों की संबंधित EPF वेज ₹15,000 से अधिक और ₹25,000 तक है, वे अनिवार्य EPFO कवरेज के दायरे में आ सकते हैं। हालांकि, वेज सीलिंग का मतलब कर्मचारी की पूरी ग्रॉस सैलरी नहीं है। EPFO के लिए नियमों के तहत निर्धारित ‘वेज’ को आधार माना जाता है। इसलिए किसी कर्मचारी की ग्रॉस सैलरी ₹25,000 से अधिक होने मात्र से यह तय नहीं होता कि वह नई व्यवस्था से बाहर है।

PF में कितना बढ़ सकता है योगदान?

EPF में सामान्य तौर पर कर्मचारी और नियोक्ता दोनों 12 फीसदी योगदान करते हैं। यदि किसी कर्मचारी का योगदान पहले ₹15,000 की सीमा तक किया जा रहा था, तो कर्मचारी का हिस्सा ₹1,800 प्रति माह था। ₹25,000 की सीमा पर यह राशि ₹3,000 हो सकती है।

इस तरह कर्मचारी के हिस्से में अधिकतम ₹1,200 प्रति माह यानी सालाना ₹14,400 तक की अतिरिक्त कटौती हो सकती है। वास्तविक प्रभाव कंपनी की सैलरी स्ट्रक्चर और PF योगदान की व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

EPS में भी बढ़ेगा योगदान

नियोक्ता के 12 फीसदी योगदान का पूरा हिस्सा EPF खाते में नहीं जाता। इसका एक हिस्सा EPS में जाता है। ₹25,000 की सीमा पर 8.33 फीसदी के हिसाब से करीब ₹2,082.50 प्रति माह EPS में जा सकता है, जबकि शेष राशि EPF में जाएगी।

पुरानी ₹15,000 की सीमा पर EPS में अधिकतम योगदान करीब ₹1,249.50 प्रति माह था। हालांकि, भविष्य में मिलने वाली पेंशन केवल इस योगदान पर निर्भर नहीं करती। पेंशन योग्य वेतन, सेवा अवधि और लागू EPS नियमों के आधार पर इसकी गणना की जाती है।

EDLI कवरेज पर भी असर

EPFO के पात्र सदस्यों को EDLI यानी Employees’ Deposit Linked Insurance का लाभ मिलता है। इसमें नियोक्ता का योगदान 0.5 फीसदी है। ₹15,000 की सीमा पर यह अधिकतम ₹75 और ₹25,000 की सीमा पर ₹125 प्रति माह हो सकता है। हालांकि, EDLI के तहत अधिकतम बीमा लाभ की सीमा ₹7 लाख है। इसलिए वेज सीलिंग बढ़ने का अर्थ यह नहीं है कि अधिकतम बीमा कवर भी बढ़ गया है।

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