EPS-95 पेंशनर्स का 5 अगस्त को देशव्यापी प्रदर्शन, ₹7,500 न्यूनतम पेंशन की मांग

Edited By Updated: 03 Aug, 2026 02:56 PM

pensioners  organization calls for nationwide protest on august 5

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की पेंशन योजना ईपीएस-95 के दायरे में आने वाले पेंशनधारकों ने न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपए मासिक किए जाने की मांग को लेकर पांच अगस्त को देशव्यापी प्रदर्शन का सोमवार को आह्वान किया। वर्तमान में कर्मचारी पेंशन योजना

नई दिल्लीः कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की पेंशन योजना ईपीएस-95 के दायरे में आने वाले पेंशनधारकों ने न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपए मासिक किए जाने की मांग को लेकर पांच अगस्त को देशव्यापी प्रदर्शन का सोमवार को आह्वान किया। वर्तमान में कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन 1,000 रुपए है। यह व्यवस्था एक सितंबर, 2014 से लागू है। ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति ने कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन 7,500 रुपए किए जाने, महंगाई भत्ता (डीए) देने, पेंशनधारकों और उनके जीवनसाथी को मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा उच्चतम न्यायालय के फैसलों के अनुरूप पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उच्च पेंशन का लाभ देने की मांग के समर्थन में प्रदर्शन का आह्वान किया है। 

समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत ने कहा कि काफी समय से लंबित पेंशन सुधारों की मांग को लेकर ईपीएस-95 के तहत आने वाले हजारों पेंशनधारक पांच अगस्त को नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन करेंगे। समिति का कहना है कि कई साल से ज्ञापन देने, शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और सरकार से अपील करने के बावजूद इस संबंध में कोई सार्थक नीतिगत फैसला नहीं लिया गया है। राउत ने कहा कि ईपीएस-95 के करीब 81 लाख पेंशनधारक पिछले एक दशक से अधिक समय से इन मांगों को उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। 

राउत ने कहा कि बड़ी संख्या में ईपीएस-95 पेंशनधारकों को औसतन केवल 1,171 रुपए मासिक पेंशन मिलती है, जो मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में जीवन-यापन के लिए अपर्याप्त है। समिति का कहना है कि देश के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास में दशकों तक योगदान देने वाले श्रमिक ऐसी सेवानिवृत्ति आय के हकदार हैं जिससे उन्हें आर्थिक सुरक्षा तथा सम्मानजनक जीवन मिल सके। राउत ने कहा, ''7,500 रुपए न्यूनतम मासिक पेंशन की मांग कोई अतिरिक्त लाभ की नहीं बल्कि गरिमापूर्ण जीवन, बुनियादी आवश्यकताओं और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग है।''

समिति ने आगाह किया कि यदि सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी करती रही तो आत्मदाह उनका ''अंतिम विकल्प'' होगा। इस मौके पर समिति के राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह राजावत तथा राष्ट्रीय मुख्य समन्वयक रमाकांत नरगुंड समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।  

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