Edited By jyoti choudhary,Updated: 23 May, 2026 06:23 PM

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि सरकार विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में कोई दखल नहीं देती है, क्योंकि यह बाजार के उतार-चढ़ाव से तय होती है और इस पर कई वैश्विक कारकों का असर पड़ता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार निर्यात को...
बिजनेस डेस्कः वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि सरकार विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में कोई दखल नहीं देती है, क्योंकि यह बाजार के उतार-चढ़ाव से तय होती है और इस पर कई वैश्विक कारकों का असर पड़ता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार निर्यात को बढ़ावा देने, आयात पर निर्भरता कम करने और भारत में अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए लगातार कदम उठाती रहती है।
घरेलू मुद्रा के परिदृश्य के बारे में पूछे जाने पर गोयल ने कहा, "सरकार विनिमय दर में हस्तक्षेप नहीं करती है। यह बाजार की ताकतों से जुड़ा मामला है और यह कई वैश्विक कारकों पर भी निर्भर करता है। मुझे लगता है कि पिछले दो-तीन दिनों में रुपया खासा मजबूत हुआ है। इस तरह, ये सभी बाजार आधारित कारक हैं।" रुपया शुक्रवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.60 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और भारतीय रिजर्व बैंक के संभावित हस्तक्षेप से रुपए को समर्थन मिला।
अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपए में आई तेज गिरावट हाल के समय में नीति निर्माताओं, निवेशकों और कारोबार जगत के लिए प्रमुख आर्थिक चिंता के रूप में उभरी है। एशिया की अपेक्षाकृत स्थिर मुद्राओं में शामिल रहा रुपया इस साल उभरते बाजारों की सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली मुद्राओं में से एक बन गया है। महंगे कच्चे तेल, पूंजी की निकासी, बढ़ते व्यापार घाटे और मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण इस पर दबाव बना हुआ है।