अचानक आई बाढ़ से कैलाश पर्वत के रास्ते बंद,आंध्र प्रदेश के कई तीर्थयात्री तिब्बत में फंसे

Edited By Updated: 27 Aug, 2026 01:58 AM

roads to mount kailash closed due to flash floods

आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिला स्थित अदोनी के एक तीर्थयात्री ने बुधवार को बताया कि चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ से सड़कें क्षतिग्रस्त होने और रास्ते बंद हो जाने के कारण आंध्र प्रदेश के कई तीर्थयात्री डारचेन और उसके आसपास के इलाकों...

अदोनीः आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिला स्थित अदोनी के एक तीर्थयात्री ने बुधवार को बताया कि चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ से सड़कें क्षतिग्रस्त होने और रास्ते बंद हो जाने के कारण आंध्र प्रदेश के कई तीर्थयात्री डारचेन और उसके आसपास के इलाकों में फंस गए हैं। निवर्ति रंगनाथ शास्त्री, जो इस समय अपने परिवार के साथ डारचेन में हैं, ने बताया कि उस इलाके में तेलुगु बोलने वाले तीर्थयात्रियों के कई समूह मौजूद हैं लेकिन आंध्र प्रदेश और अन्य राज्यों से आए तीर्थयात्रियों की सटीक संख्या का पता नहीं चल सका। शास्त्री ने मीडिया  को बताया, ''इस इलाके में ईशा फाउंडेशन से जुड़े समूह भी मौजूद हैं। हर समूह में कम से कम 150 सदस्य हैं और ऐसे करीब 15 समूह वहां मौजूद हैं।''

कैलाश पर्वत से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित डारचेन, कैलाश परिक्रमा करने वाले तीर्थयात्रियों के लिए एक अहम आधार स्थल है। प्रभावित इलाका, जिसमें डारचेन और मानसरोवर जाने वाला रास्ता शामिल है, करीब 60 किलोमीटर के दायरे में आता है। शास्त्री और उनका परिवार 18 अगस्त को काठमांडू पहुंचे और फिर अपनी तीर्थयात्रा के तहत तिब्बत गए। उन्होंने बताया कि वे अभी डारचेन में रुके हुए हैं, जबकि जिस रास्ते से वे तिब्बत गए थे, वह अचानक आई बाढ़ की वजह से बह गया है या बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

शास्त्री ने कहा कि डारचेन में हालात अभी स्थिर हैं, लेकिन तीर्थयात्री वहां से निकल नहीं पा रहे हैं क्योंकि रास्ते बंद हैं। आसपास की जगहों पर जाने पर भी रोक है और इसके लिए चीनी अधिकारियों से इजाजत लेना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि तिब्बत इलाके में अधिकारी आवाजाही को लेकर बेहद सख्त हैं तथा सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर है कि रास्ते बंद होने के कारण तीर्थयात्री डारचेन से कब और कैसे निकल पाएंगे, इसे लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। शास्त्री ने बताया कि उनके समूह को तीन दिन की कैलाश परिक्रमा करनी थी। समूह का एक जत्था बुधवार सुबह परिक्रमा के लिए निकल गया, जबकि वह खुद सीने में जकड़न और ऊंचाई के कारण होने वाली बीमारी के चलते वहीं रुक गए।

उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी और माता-पिता भी परिक्रमा पर नहीं गए और डारचेन में ही रुक गए। उन्होंने बताया कि परिक्रमा पर गए तीर्थयात्रियों के बृहस्पतिवार दोपहर तक लौटने की उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि उनके लौटने पर ही उनकी स्थिति के बारे में और साफ जानकारी मिल पाएगी। शास्त्री ने बताया कि डारचेन में उनके साथ परिवार के जो सदस्य रुके हुए हैं, उनमें उनकी 65 वर्षीय मां और 29 वर्षीय पत्नी भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उस इलाके में फंसे तीर्थयात्रियों में कई अन्य महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि परिवार के सदस्य आपस में लगातार संपर्क में हैं और एक-दूसरे के पास स्थित होटलों में ठहरे हुए हैं।

शास्त्री ने बताया कि होटल फिलहाल तीर्थयात्रियों को भोजन और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध करा रहे हैं तथा डारचेन में किसी चीज की तत्काल कमी की कोई सूचना नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि बड़ी चिंता क्षतिग्रस्त और बंद सड़कों के कारण इलाके से बाहर नहीं निकल पाने को लेकर है। शास्त्री ने भारत सरकार से आग्रह किया कि वह फंसे हुए तीर्थयात्रियों की मदद करने और उन्हें सुरक्षित निकालने या वापस लाने के लिए पहल करे। फंसे हुए तीर्थयात्री उन लोगों के एक बड़े समूह का हिस्सा हैं जो कैलाश पर्वत-मानसरोवर क्षेत्र की तीर्थयात्रा पर गए हैं। इस बीच, अदोनी के विधायक पार्थ सारथी ने कहा कि उनसे शास्त्री के स्थानीय रिश्तेदारों ने फोन से संपर्क किया।

शास्त्री अपने परिवार और अदोनी के कुछ अन्य लोगों के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए हैं और फिलहाल वहां फंसे हुए हैं। सारथी ने कहा कि परिवार को चीन-नेपाल सीमा के पास भीषण बाढ़ आने और पुल एवं सड़कें बह जाने की जानकारी मिली है, जिससे वे इस बात को लेकर चिंतित हैं कि वापस कैसे लौटेंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने रंगनाथ के पिता भास्कर शास्त्री से तुरंत संपर्क किया। रंगनाथ ने अपने पिता को बताया कि वे ऊंचाई वाले एक सुरक्षित स्थान पर हैं जहां बाढ़ का असर नहीं होगा, लेकिन वे घर लौटने को लेकर चिंतित हैं। सारथी ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''हम उन्हें सुरक्षित अदोनी वापस लाने की जिम्मेदारी लेंगे और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम और प्रयास करेंगे।'' विधायक ने कहा कि वह इस मामले में राज्य सरकार और दिल्ली में विदेश मंत्रालय से बात करेंगे। उन्होंने परिवार से अपने ठिकाने की जानकारी साझा करने और उनके संपर्क में बने रहने को भी कहा है। 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!