Alert! OTP स्कैम का नया खतरा: जानिए कैसे बन रहे आपके बैंक अकाउंट के लिए ये डिजिटल जाल

Edited By Updated: 06 Feb, 2026 05:07 PM

a new otp scam threat learn how these digital traps are being set for your bank

आज डिजिटल इंडिया में बैंकिंग, UPI और ई-कॉमर्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, लेकिन इसी के साथ OTP स्कैम भी सबसे तेजी से फैलने वाला साइबर अपराध बन चुका है। स्कैमर्स अब सिर्फ बुजुर्ग या कम पढ़े-लिखे लोगों को ही नहीं, बल्कि टेक-जानकारी रखने वाले युवाओं...

नेशनल डेस्क: आज डिजिटल इंडिया में बैंकिंग, UPI और ई-कॉमर्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है, लेकिन इसी के साथ OTP स्कैम भी सबसे तेजी से फैलने वाला साइबर अपराध बन चुका है। स्कैमर्स अब सिर्फ बुजुर्ग या कम पढ़े-लिखे लोगों को ही नहीं, बल्कि टेक-जानकारी रखने वाले युवाओं को भी निशाना बना रहे हैं। OTP स्कैम की चालाकी इस बात में है कि अपराधी पहले भरोसा जीतते हैं और फिर डराते हैं।

फोन पर कॉल आता है, सामने वाला खुद को बैंक या किसी भरोसेमंद संस्था का कर्मचारी बताता है। वह कहता है कि आपके अकाउंट में गड़बड़ है या KYC अपडेट नहीं है। इसी बीच आपको एक OTP आता है और वह कहता है कि सिर्फ कन्फर्मेशन के लिए बताना है। कई बार स्कैमर्स आपकी पिछली ट्रांजैक्शन, शहर और बैंक का नाम तक जानकर डर और भरोसा दोनों का खेल खेलते हैं। जैसे ही OTP साझा होता है, अपराधी तुरंत आपके अकाउंट में लॉगिन कर लेता है या UPI ऑटो-डेबिट सेट कर देता है।


क्यों हैं UPI और बैंक अकाउंट मुख्य लक्ष्य
UPI और बैंक अकाउंट रीयल-टाइम और तेज़ हैं, इसलिए स्कैमर्स इन्हें प्राथमिक लक्ष्य बनाते हैं। एक बार OTP मिलते ही पैसे तुरंत ट्रांसफर हो जाते हैं। बैंक बाद में कह देता है कि OTP आपने खुद शेयर किया था, जिससे पैसे वापस मिलने की संभावना कम हो जाती है।


सबसे बड़ी गलती: OTP को हल्के में लेना
अक्सर लोग सोचते हैं कि OTP केवल एक बार के लिए होता है और ज्यादा नुकसान नहीं हो सकता। लेकिन यह आपकी डिजिटल चाबी है। OTP देकर आप दरवाज़ा स्वयं खोल देते हैं। बैंक, पुलिस या कोई कस्टमर केयर कभी भी OTP नहीं मांगता।


स्कैम तकनीक नहीं, मन का खेल है
OTP स्कैम तकनीक से ज्यादा साइकोलॉजिकल है। इसमें डर दिखाया जाता है, जल्दी कार्रवाई की मांग की जाती है और खुद को अथॉरिटी की तरह पेश किया जाता है। “अभी OTP साझा न किया तो अकाउंट ब्लॉक हो जाएगा”, “लाइन मत काटिए” जैसी बातें सुनकर व्यक्ति सोचने का समय नहीं पाता। यही इसकी ताकत है।


सरकार और बैंक की चेतावनी
RBI और सरकार बार-बार चेतावनी दे रहे हैं कि OTP किसी के साथ साझा न करें। बैंक भी स्पष्ट कहते हैं कि OTP केवल ग्राहक के लिए होता है। इसके बावजूद शिकायतें बढ़ रही हैं क्योंकि स्कैमर्स हर बार नया तरीका अपनाते हैं।


अगर OTP शेयर हो जाए तो क्या करें
OTP शेयर हो जाने पर घबराना नहीं चाहिए। तुरंत कार्रवाई जरूरी है। सबसे पहले अपने बैंक को सूचित करें, UPI ऐप में शिकायत दर्ज करें और 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें। इसके साथ ही साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करना भी जरूरी है। समय पर कार्रवाई से नुकसान को कम किया जा सकता है।

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