Edited By jyoti choudhary,Updated: 27 Jan, 2026 02:53 PM

बैंकों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) की मंगलवार को बुलाई गई राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान मध्यप्रदेश में करीब 7,000 शाखाओं में काम-काज ठप रहा जिससे 3,447 करोड़ रुपए का...
बिजनेस डेस्कः बैंकों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) की मंगलवार को बुलाई गई राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान मध्यप्रदेश में करीब 7,000 शाखाओं में काम-काज ठप रहा जिससे 3,447 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ। बैंक कर्मचारियों के एक संगठन ने यह जानकारी दी।
मध्यप्रदेश बैंक एम्प्लॉयीज एसोसिएशन (एमपीबीईए) के चेयरमैन मोहनकृष्ण शुक्ला ने बताया,"सूबे की कुल 8,217 बैंक शाखाओं में से लगभग 7,000 शाखाओं के करीब 16,000 कर्मचारी-अधिकारी हड़ताल में शामिल हुए। इनमें 12 सरकारी बैंकों के साथ ही विभिन्न क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) और सहकारी बैंकों के कर्मचारी शामिल हैं।" उन्होंने बताया कि हड़ताल से बैंक शाखाओं में नकदी जमा करने और निकालने के साथ चेक निपटान, सावधि जमा (एफडी) योजनाओं का नवीनीकरण, सरकारी खजाने से जुड़े काम, प्रशासनिक कार्य और अन्य आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुईं।
शुक्ला ने कहा, ‘‘केंद्र और राज्य सरकारों के विभिन्न कार्यालयों के साथ ही वित्तीय क्षेत्र के कई शासकीय व निजी संस्थान शनिवार और रविवार को बंद रहते हैं। लिहाजा बैंकिंग क्षेत्र में भी पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाना चाहिए।'' चूंकि 25 जनवरी (रविवार) और 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) को बैंक बंद रहे थे, इसलिए मंगलवार की हड़ताल के कारण लगातार तीन दिनों तक शाखा स्तर की सेवाएं बाधित रहीं।