RBI ने वीआरआर नीलामियों के जरिये प्रणाली में 72,300 करोड़ रुपए डाले

Edited By Updated: 17 Jun, 2026 04:51 PM

rbi infused 72 300 crore into the through vrr auctions

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को बैंकिंग प्रणाली में नकदी बनाए रखने के लिए 72,300 करोड़ रुपए डाले। अग्रिम कर भुगतान के कारण बाजार में नकदी का अधिशेष घट जाने पर यह राशि दो परिवर्ती रेपो दर (वीआरआर) नीलामियों के जरिये डाली गई।

मुंबईः भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को बैंकिंग प्रणाली में नकदी बनाए रखने के लिए 72,300 करोड़ रुपए डाले। अग्रिम कर भुगतान के कारण बाजार में नकदी का अधिशेष घट जाने पर यह राशि दो परिवर्ती रेपो दर (वीआरआर) नीलामियों के जरिये डाली गई। केंद्रीय बैंक ने दो दिन की वीआरआर नीलामी के जरिए 5.26 प्रतिशत की कट-ऑफ दर पर 50,016 करोड़ रुपए डाले। इसके अलावा, दो दिन की एक अन्य नीलामी के माध्यम से 22,284 करोड़ रुपए अलग से डाले गए। इस तरह कुल 72,300 करोड़ रुपए की नकदी डाली गई। 

वीआरआर नीलामी आरबीआई का एक माध्यम है, जिसके जरिये वह बैंकिंग प्रणाली में नकदी की अस्थायी कमी या अधिकता को संतुलित करता है। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, 16 जून तक बैंकिंग प्रणाली में तरलता अधिशेष घटकर 23,881.21 करोड़ रुपए रह गया, जो 15 जून को करीब 1.51 लाख करोड़ रुपए था। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कमी मुख्य रूप से अग्रिम कर भुगतान के कारण हुई है। 

विशेषज्ञों के मुताबिक, माल एवं सेवा कर (जीएसटी) भुगतान के चलते आगे भी नकदी की निकासी हो सकती है। ऐसे में आरबीआई आने वाले दिनों में वीआरआर नीलामी के कुछ और सत्र भी आयोजित कर सकता है। करूर वैश्य बैंक के ट्रेजरी प्रमुख वी रामचंद्र रेड्डी ने कहा कि तरलता अधिशेष में कमी और आगे संभावित निकासी को देखते हुए आरबीआई ओवरनाइट (24 घंटों की अवधि वाली जमा) पर दरों को नियंत्रित रखा जा सके।
 

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