Edited By jyoti choudhary,Updated: 16 Jun, 2026 05:34 PM

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंक ग्राहकों की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बैंकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। केंद्रीय बैंक ने साफ कहा है कि कोई भी बैंक ग्राहकों पर जबरन कोई स्कीम नहीं थोप सकता और न ही उन्हें गुमराह करके कोई उत्पाद बेच सकता...
बिजनेस डेस्कः भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंक ग्राहकों की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बैंकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। केंद्रीय बैंक ने साफ कहा है कि कोई भी बैंक ग्राहकों पर जबरन कोई स्कीम नहीं थोप सकता और न ही उन्हें गुमराह करके कोई उत्पाद बेच सकता है। यदि कोई बैंक ऐसा करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
RBI ने जारी किए नए निर्देश
RBI ने 15 जून 2026 को 'रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (कमर्शियल बैंक) का दूसरा अमेंडमेंट निर्देश 2026' जारी किया है। ये नियम सभी कमर्शियल बैंकों पर लागू होते हैं। हालांकि स्मॉल फाइंनेंस बैंक, पेमेंट बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और लोकल एरिया बैंक के लिए अलग दिशा-निर्देश तय किए गए हैं।
इन नए नियमों को 1 जनवरी, 2027 से लागू किया जाएगा। बैंको को अपनी व्यवस्थाओं में बदलाव और सुधार लाने के लिए करीब साढ़े छह महीने का समय दिया गया है।
बैंकों के लिए क्या है नए नियम
RBI के दिशा निर्देश के अनुसार....
- बैंकों को अपनी वेबसाइट पर सभी अधिकृत DSA और DMA एजेंटों की अपडेटेड सूची जारी करनी होगी।
- किसी भी बदलाव के 7 दिनों के अंदर इसे अपडेट करना होगा।
- बैंक कर्मचारियों, एजेंटों और थर्ड पार्टी प्रतिनिधियों की पहचान अलग-अलग दिखानी होगी।
- DSA और DMA से लिखित अंडरटेकिंग लेनी होगी कि वे बैंक के ‘कोड ऑफ कंडक्ट’ का पालन करेंगे।
- बैंक को अपना 'कोड ऑफ कंडक्ट' वेबसाइट पर सबके लिए दिखाना होगा।
- एजेंट ग्राहकों से सिर्फ सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही संपर्क कर सकते हैं।
- ग्राहक की मंजूरी के बिना उनके घर या ऑफिस नहीं जा सकते। वे खुद को बैंक कर्मचारी के तौर पर पेश नहीं कर सकते।
- कोई भी थर्ड पार्टी एजेंट खुद को बैंक कर्मचारी बताकर ग्राहकों को भ्रमित नहीं कर सकेगा।
- एजेंट बैंक की ओर से कोई झूठा वादा भी नहीं कर सकेंगे।
क्यों उठाना पड़ा यह कदम?
RBI ने यह कदम ग्राहकों की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए उठाया है। कई बार बैंक ग्राहक किसी सामान्य जानकारी के लिए शाखा में जाते हैं, लेकिन उन्हें बिना जरूरत बीमा पॉलिसी या अन्य स्कीम बेच दी जाती है।
इसके अलावा डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन सर्विसेज में भी ग्राहकों की मंजूरी के बिना कई प्रोडक्ट एक्टिवेट होने की शिकायतें सामने आई हैं। RBI का मानना है कि नए नियमों से ग्राहकों को ऐसी भ्रामक गतिविधियों से बचाया जा सकेगा।