Edited By jyoti choudhary,Updated: 01 May, 2026 12:15 PM

नए महीने की शुरुआत के साथ सरकार ने ईंधन से जुड़े टैक्स नियमों में अहम बदलाव किया है। कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी घटा दी गई है।
बिजनेस डेस्कः नए महीने की शुरुआत के साथ सरकार ने ईंधन से जुड़े टैक्स नियमों में अहम बदलाव किया है। कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी घटा दी गई है।
डीजल और ATF पर टैक्स में कटौती
वित्त मंत्रालय के मुताबिक, डीजल के निर्यात पर लगने वाला विंडफॉल टैक्स 55.5 रुपए से घटाकर 23 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं ATF पर यह टैक्स 42 रुपए से घटाकर 33 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है। नई दरें 1 मई से लागू हो गई हैं।
क्यों लिया गया फैसला
विंडफॉल टैक्स का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि वैश्विक कीमतें बढ़ने पर कंपनियां निर्यात से अत्यधिक मुनाफा न कमाएं और देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। इससे घरेलू कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
आम लोगों पर असर नहीं
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल के घरेलू उपयोग पर कोई अतिरिक्त बदलाव नहीं किया गया है यानी आम उपभोक्ताओं को ईंधन की कीमतों में कोई सीधा असर नहीं दिखेगा।
अन्य राहतें
डीजल के निर्यात पर लगने वाला रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर सेस अगले दो हफ्तों के लिए पूरी तरह हटा दिया गया है। वहीं पेट्रोल के निर्यात पर पहले की तरह कोई टैक्स नहीं लगेगा।