Edited By jyoti choudhary,Updated: 27 Mar, 2026 12:58 PM

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती की है, जिससे बढ़ती महंगाई के असर को कम करने की कोशिश की गई है।
बिजनेस डेस्कः मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती की है, जिससे बढ़ती महंगाई के असर को कम करने की कोशिश की गई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम आम जनता पर बढ़ते बोझ को कम करने में मदद करेगा और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करेगा। साथ ही वित्त मंत्री ने लॉकडाउन लगाने की अफवाहों पर विराम लगाया है।
पेट्रोल-डीजल पर कितना घटा टैक्स?
सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपए प्रति लीटर तक एक्साइज ड्यूटी कम की है। पेट्रोल पर ड्यूटी घटकर करीब 3 रुपए प्रति लीटर रह गई। डीजल पर ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर शून्य कर दी गई। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब मिडिल ईस्ट में तनाव और Strait of Hormuz में आपूर्ति बाधित होने से तेल की कीमतों में उछाल बना हुआ है।

कंज्यूमर हितों की रक्षा- सरकार
वित्त मंत्री ने कहा कि यह निर्णय सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत वह आम लोगों को महंगाई से राहत देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि समय पर लिए गए फैसले से ईंधन आपूर्ति को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच फैल रही अफवाहों पर विराम लगाते हुए निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट कर दिया है कि देश में ईंधन की कमी के कारण किसी भी तरह का लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है।
पेट्रोलियम मंत्री का बयान
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसे “समय पर लिया गया साहसिक कदम” बताया। उनके मुताबिक, वैश्विक अनिश्चितता के दौर में यह फैसला न सिर्फ आम जनता को राहत देगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी स्थिर बनाए रखने में मदद करेगा।