रुपया 14 पैसे टूटकर 94.82 प्रति डॉलर पर

Edited By Updated: 29 Apr, 2026 05:01 PM

rupee slumps 14 paise to 94 82 against the dollar

रुपया बुधवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 14 पैसे टूटकर 94.82 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह अब तक के अपने सबसे निचले स्तर के करीब है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी पूंजी की लगातार निकासी से रुपए पर दबाव बना हुआ है। विदेशी मुद्रा...

मुंबईः रुपया बुधवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 14 पैसे टूटकर 94.82 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह अब तक के अपने सबसे निचले स्तर के करीब है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी पूंजी की लगातार निकासी से रुपए पर दबाव बना हुआ है। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि कच्चा तेल लगभग 115 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है, जिससे भारत के आयात खर्च पर असर पड़ने की आशंका है। साथ ही, पश्चिम एशिया में जारी संकट और इसके व्यापक संघर्ष में बदलने की आशंकाओं ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।

विश्लेषकों के अनुसार, निवेशक अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी नीतिगत फैसले का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा, इस साल अब तक विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की भारी बिकवाली ने भी निवेश धारणा को कमजोर किया है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.79 प्रति डॉलर पर खुला और कारोबार के दौरान 94.86 के निचले स्तर तक गया। अंत में यह 94.82 (अस्थायी) पर रहा, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 14 पैसे की गिरावट है। मंगलवार को रुपया 53 पैसे की गिरावट के साथ 94.68 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। रुपए का सर्वकालिक निचला बंद स्तर 27 मार्च को 94.85 प्रति डॉलर दर्ज किया गया था। 

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) की लगातार निकासी और ऊंचे कच्चे तेल के दाम (ब्रेंट करीब 114 डॉलर प्रति बैरल) रुपए पर दबाव बनाए हुए हैं। ऊंचे तेल दाम से आयात बिल और मुद्रास्फीति का जोखिम बढ़ रहा है, जिससे रुपए में सुधार की संभावना सीमित हो रही है। एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष (जिंस और मुद्रा) जतीन त्रिवेदी ने कहा, "रुपए में कमजोरी का रुझान बना हुआ है और जब भी इसमें उछाल आता है, तब भी बिकवाली का दबाव बना रहता है, जिससे यह ऊंचे स्तर पर टिक नहीं पाता। निकट अवधि में 94.40 रुपए प्रति डॉलर का स्तर पार करना कठिन हो सकता है, जबकि 95.25 रुपए प्रति डॉलर के आसपास यह और कमजोर हो सकता है। आने वाले समय में रुपए में उतार-चढ़ाव बना रहेगा और इसकी दिशा कच्चे तेल की कीमतों तथा पूंजी के प्रवाह पर निर्भर करेगी।" 

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.08 प्रतिशत बढ़कर 98.72 पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव वायदा कारोबार में 3.13 प्रतिशत बढ़कर 114.74 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात ने मंगलवार को कहा कि वह एक मई से ओपेक से बाहर हो जाएगा, जो वैश्विक तेल समूह के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। घरेलू शेयर बाजार में बीएसई सेंसेक्स 609.45 अंक उछलकर 77,496.36 अंक पर रहा, जबकि एनएसई निफ्टी 181.95 अंक चढ़कर 24,177.65 अंक पर पहुंच गया। 

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 2,103.74 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। इस बीच, आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम एशिया संकट के बीच विनिर्माण क्षेत्र की धीमी वृद्धि और बिजली क्षेत्र में लगभग स्थिर विस्तार के कारण मार्च में औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर घटकर पांच महीने के निचले स्तर 4.1 प्रतिशत पर आ गई। 2025 के मार्च में यह 3.9 प्रतिशत रही थी।  

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