Edited By jyoti choudhary,Updated: 24 Apr, 2026 06:02 PM

रूस अब यूरोप के साथ होने वाले सभी तेल और गैस समझौते चीनी युआन (Yuan) में करेगा। यह कदम वैश्विक ऊर्जा व्यापार और मुद्रा व्यवस्था में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। यह दावा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
रूस अब यूरोप के साथ होने वाले सभी तेल और गैस समझौते चीनी युआन (Yuan) में करेगा। यह कदम वैश्विक ऊर्जा व्यापार और मुद्रा व्यवस्था में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। यह दावा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
रूस का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी देशों के साथ उसके संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। डॉलर और यूरो पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से रूस वैकल्पिक मुद्रा में व्यापार को बढ़ावा दे रहा है।
डॉलर को मिल सकती है चुनौती
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह व्यवस्था बड़े पैमाने पर लागू होती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर के वर्चस्व को चुनौती मिल सकती है। साथ ही युआन की वैश्विक भूमिका और मजबूत हो सकती है।
ऊर्जा बाजार पर भी इसका असर पड़ सकता है, क्योंकि यूरोप को अब भुगतान के लिए नई व्यवस्था अपनानी होगी। इससे तेल और गैस की कीमतों और सप्लाई चेन पर भी असर देखने को मिल सकता है।
हालांकि अभी तक रूस की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि वह यूरोप के साथ सभी तेल और गैस सौदे केवल युआन में करेगा।