टाटा समूह एआई चिप के विकास की दिशा में सक्रियः चंद्रशेखरन

Edited By Updated: 20 Feb, 2026 02:02 PM

tata group actively pursuing ai chip development chandrasekaran

टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने बृहस्पतिवार को कहा कि समूह कृत्रिम मेधा (एआई) के समूचे प्रौद्योगिकी ढांचे के विकास पर काम कर रहा है और उद्योग-विशिष्ट एआई चिप विकसित करने की दिशा में भी पहल शुरू कर दी गई है। चंद्रशेखरन ने यहां आयोजित 'इंडिया...

नई दिल्लीः टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने बृहस्पतिवार को कहा कि समूह कृत्रिम मेधा (एआई) के समूचे प्रौद्योगिकी ढांचे के विकास पर काम कर रहा है और उद्योग-विशिष्ट एआई चिप विकसित करने की दिशा में भी पहल शुरू कर दी गई है। चंद्रशेखरन ने यहां आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के दौरान पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि विभिन्न क्षेत्रों पर एआई के व्यापक प्रभाव को देखते हुए टाटा समूह औद्योगिक समाधानों से लेकर डेटा सेंटर और क्षेत्र-विशिष्ट एआई समाधानों तक कई स्तरों पर अपनी क्षमता विकसित कर रहा है। उन्होंने कहा, "हम समय के साथ उद्योग के हिसाब से अलग-अलग एआई-आधारित चिप विकसित करना चाहते हैं। इस दिशा में काम शुरू हो चुका है, हालांकि इसकी समय-सीमा बताना अभी संभव नहीं है।" 

समूह द्वारा विकसित किए जा रहे शुरुआती सेमीकंडक्टर चिप का इस्तेमाल वाहन क्षेत्र में किए जाने की संभावना है। टाटा समूह ने एआई अवसंरचना विकसित करने के लिए अमेरिकी कंपनी ओपनएआई के साथ साझेदारी की है। इसके तहत शुरुआत में 100 मेगावाट क्षमता स्थापित की जाएगी, जिसे बाद में बढ़ाकर एक गीगावाट तक किया जा सकता है। समूह की आईटी सेवा कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) अमेरिकी चिप विनिर्माता एएमडी के साथ मिलकर वैश्विक मानकों के अनुरूप भारत में टिकाऊ उच्च-घनत्व वाली एआई क्षमता विकसित करने की घोषणा पहले ही कर चुकी है। चंद्रशेखरन ने कहा, ''टीसीएस और टाटा कम्युनिकेशंस औद्योगिक समाधान के लिए एक एआई ऑपरेटिंग सिस्टम भी विकसित कर रही हैं, जिसके आधार पर विभिन्न क्षेत्रों के लिए 'एजेंटिक एआई' आधारित समाधान तैयार किए जा सकेंगे।'' 

सेमीकंडक्टर क्षेत्र में समूह की इकाई टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स गुजरात के धोलेरा में ताइवानी कंपनी पीएसएमसी के साथ मिलकर करीब 91,000 करोड़ रुपये के निवेश से एक सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र स्थापित कर रही है। इस संयंत्र में शुरुआती चरण में 28 नैनोमीटर (एनएम) तकनीक पर आधारित चिप बनाए जाएंगे जिनका उपयोग उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, इंटरनेट आधारित उपकरणों, वाहन इलेक्ट्रॉनिक्स और नेटवर्किंग उपकरणों में होता है। इसके अतिरिक्त, असम में 27,000 करोड़ रुपये के निवेश से एक चिप पैकेजिंग इकाई भी स्थापित की जा रही है, जिससे क्षेत्र में 27,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि धोलेरा और असम में स्थापित किए जा रहे संयंत्रों को विभिन्न हितधारकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। टाटा समूह के चेयरमैन ने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं लेकिन इसके लिए समूह को साझेदारों की भी जरूरत पड़ेगी। इस दिशा में कंपनी एएसएमएल, तोक्यो इलेक्ट्रॉन, अप्लाइड मैटेरियल्स, क्वालकॉम और इंटेल जैसी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ सहयोग कर रही है। 

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