वित्त मंत्रालय ने ई-कॉमर्स कंपनियों को केवल निर्यात के लिए माल रखने की अनुमति दी

Edited By Updated: 04 Sep, 2026 11:29 AM

the finance ministry has allowed e commerce companies to stock

वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों में बदलाव को अधिसूचित किया है। इसके तहत ई-कॉमर्स कंपनियों को भारत में निर्मित या उत्पादित वस्तुओं का भंडार केवल निर्यात के उद्देश्य से रखने की अनुमति होगी। नियमों के

नई दिल्लीः वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नियमों में बदलाव को अधिसूचित किया है। इसके तहत ई-कॉमर्स कंपनियों को भारत में निर्मित या उत्पादित वस्तुओं का भंडार केवल निर्यात के उद्देश्य से रखने की अनुमति होगी। नियमों के अनुसार, विदेशी निवेश वाली ई-कॉमर्स कंपनियां भारत में बना माल अपने पास रखकर उसका निर्यात कर सकती हैं लेकिन इसी तरह माल अपने पास रखकर भारत में खुदरा बिक्री करने की अनुमति नहीं है। विभाग ने दो सितंबर को जारी अधिसूचना के जरिये विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण साधन) नियम, 2019 में इस संबंध में नया प्रावधान जोड़ा है। 

नए प्रावधान के मुताबिक, ई-कॉमर्स इकाई विदेशी व्यापार नीति, 2023, प्रक्रिया पुस्तिका और विदेशी मुद्रा प्रबंधन (माल एवं सेवाओं का निर्यात) विनियम, 2015 के प्रावधानों के अनुरूप केवल भारत में निर्मित या उत्पादित वस्तुओं के निर्यात के लिए माल-सूची आधारित ई-कॉमर्स मॉडल अपना सकती है। इसके साथ ही जुलाई में घोषित यह निर्णय अब प्रभावी हो गया है। 
 

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