Edited By jyoti choudhary,Updated: 21 Feb, 2026 03:10 PM

भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी शुल्क को लेकर अनिश्चितताओं के बीच भारतीय रुपए में भारी उतार-चढ़ाव रहने के कारण भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने दिसंबर में 10.02 अरब डॉलर की शुद्ध बिक्री की। दिसंबर लगातार सातवां महीना है जब केंद्रीय बैंक ने हाजिर मुद्रा...
मुंबईः भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी शुल्क को लेकर अनिश्चितताओं के बीच भारतीय रुपए में भारी उतार-चढ़ाव रहने के कारण भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने दिसंबर में 10.02 अरब डॉलर की शुद्ध बिक्री की। दिसंबर लगातार सातवां महीना है जब केंद्रीय बैंक ने हाजिर मुद्रा बाजार में शुद्ध रूप से डॉलर की बिक्री की है।
रिजर्व बैंक के मासिक बुलेटिन आंकड़ों के अनुसार, आरबीआई ने नवंबर में 9.71 अरब डॉलर, अक्टूबर में 11.87 अरब डॉलर, सितंबर में 7.91 अरब डॉलर, अगस्त में 7.69 अरब डॉलर, जुलाई में 2.54 अरब डॉलर और जून में 3.66 अरब डॉलर की शुद्ध बिक्री की। आरबीआई ने मई में हाजिर मुद्रा बाजार से 1.764 अरब डॉलर खरीदे थे। वर्ष 2025 के ज़्यादातर महीनों और जनवरी 2026 में, विदेशी पोर्टफोलियो निवेश रुक-रुक कर होने जैसी कई वजहों से भारतीय रुपया बहुत ज़्यादा दबाव में रहा।