Edited By jyoti choudhary,Updated: 13 Feb, 2026 05:20 PM

अगर आपने बैंक से लोन लिया है और किसी वजह से EMI समय पर नहीं भर पाए, तो अब रिकवरी एजेंट का व्यवहार पूरी तरह बदलेगा। वे न तो आपको धमका सकेंगे और न ही सार्वजनिक रूप से अपमानित कर पाएंगे। नए ड्राफ्ट नियमों के मुताबिक एजेंट केवल विनम्र तरीके से संपर्क कर...
बिजनेस डेस्कः अगर आपने बैंक से लोन लिया है और किसी वजह से EMI समय पर नहीं भर पाए, तो अब रिकवरी एजेंट का व्यवहार पूरी तरह बदलेगा। वे न तो आपको धमका सकेंगे और न ही सार्वजनिक रूप से अपमानित कर पाएंगे। नए ड्राफ्ट नियमों के मुताबिक एजेंट केवल विनम्र तरीके से संपर्क कर सकेंगे और तय समय के भीतर ही कॉल कर पाएंगे। शाम 7 बजे के बाद कॉल या दबाव बनाना मना होगा। इन नियमों का मकसद लोन वसूली की प्रक्रिया को ज्यादा मानवीय और पारदर्शी बनाना है।
केंद्रीय बैंक ने ‘जिम्मेदार बिजनेस आचरण’ से जुड़े नए संशोधन ड्राफ्ट जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य कर्जदारों के शोषण और उत्पीड़न पर रोक लगाना है। बजट में घोषित सुधारों के बाद सामने आए इन प्रस्तावों में रिकवरी एजेंट्स की नियुक्ति, व्यवहार और जवाबदेही को लेकर सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
अब बैंक किसी भी व्यक्ति को वसूली के लिए नहीं भेज सकेंगे। रिकवरी एजेंट का प्रशिक्षित और प्रमाणित होना जरूरी होगा, साथ ही बैंक को उनका बैकग्राउंड चेक करना होगा। अधिकृत एजेंटों की सूची बैंक की वेबसाइट और ऐप पर उपलब्ध होगी ताकि ग्राहक उनकी पहचान आसानी से कर सकें।
नए नियमों में यह भी साफ किया गया है कि शादी, त्योहार या परिवार में किसी दुखद घटना जैसे संवेदनशील मौकों पर एजेंट परेशान नहीं कर सकेंगे। धमकी, गाली-गलौज, सोशल मीडिया पर उत्पीड़न या बार-बार कॉल कर दबाव बनाने को सख्ती से प्रतिबंधित किया गया है।
यदि ग्राहक किसी एजेंट के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हैं, तो जांच पूरी होने तक वसूली की प्रक्रिया रोकनी होगी। साथ ही हर नोटिस में शिकायत अधिकारी की जानकारी देना अनिवार्य होगा। एजेंट बदलने पर बैंक को तुरंत SMS या ईमेल से सूचना देनी होगी। इसके अलावा, ग्राहक की स्पष्ट सहमति के बिना बैंक अब लोन के साथ कोई अतिरिक्त प्रोडक्ट नहीं बेच पाएंगे। कुल मिलाकर नए नियम कर्जदारों की गरिमा की रक्षा करते हुए वसूली प्रक्रिया को अधिक जिम्मेदार और संतुलित बनाने की दिशा में बड़ा कदम माने जा रहे हैं।